श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों और पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को नाकाम किया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 62वीं वाहिनी और सिरसिया थाना पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर चार नाबालिग नेपाली लड़कियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो भारतीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया है, जो लड़कियों को देह व्यापार के दलदल में धकेलने की योजना बना रहे थे।
खुफिया इनपुट पर हुई त्वरित कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई 31 जनवरी 2026 को सटीक खुफिया सूचना के आधार पर की गई। SSB की 62वीं वाहिनी के कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल के जरिए नेपाल से चार नाबालिग लड़कियों को अवैध तरीके से भारत ला रहे हैं। सूचना मिलते ही गुज्जरगौरी समवाय और थाना सिरसिया की टीम ने ग्राम भचकाई के पास जंगल मार्ग पर घेराबंदी कर दी। संदिग्धों के आते ही टीम ने उन्हें दबोच लिया।
ऑर्केस्ट्रा में नौकरी का दिया था झांसा
पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरिराम यादव और रामरूप के रूप में हुई है, जो श्रावस्ती के ही थाना सिरसिया क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन लड़कियों को 'ऑर्केस्ट्रा' में काम दिलाने और अच्छी नौकरी का लालच देकर सीमा पार लाया जा रहा था। असल में, इन तस्करों का मकसद इन लड़कियों को बड़े शहरों में जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलना था। रेस्क्यू के दौरान लड़कियां इतनी डरी हुई थीं कि पुलिस को देखते ही रोने लगीं, जिन्हें बाद में महिला पुलिसकर्मियों ने काउंसिलिंग कर शांत कराया।
एनजीओ 'देहात इंडिया' का सहयोग और विधिक कार्रवाई
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में एनजीओ Dehat India और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने तस्करों के पास से दो मोटरसाइकिलें, मोबाइल फोन और पहचान पत्र जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, मुक्त कराई गई लड़कियों को सुरक्षित एनजीओ की देखरेख में रखा गया है और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें वापस नेपाल भेजा जाएगा।
सीमा पर बढ़ी चौकसी, तस्करों के नेटवर्क पर नजर
श्रावस्ती के एसपी राहुल भाटी ने इस सफलता पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। हाल ही में मीडिया इन्वेस्टिगेशन में भी सीमावर्ती इलाकों में लड़कियों की खरीद-फरोख्त के मामलों का खुलासा हुआ था, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य दलालों और बड़े तस्करों की तलाश में जुटी है ताकि इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।