सिद्धार्थनगर (गोल्हौरा): न्यायपालिका ने एक बार फिर दहेज के लोभियों को सख्त संदेश दिया है। सिद्धार्थनगर की एक अदालत ने करीब 7 साल पुराने 'दहेज हत्या' के मामले में सुनवाई करते हुए पति और सास-ससुर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
यह पूरा मामला गोल्हौरा थाना क्षेत्र का है। साल 2017 में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मायके पक्ष का आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे और मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई।
अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाया पति समेत सास और ससुर को आजीवन कारावास। कोर्ट ने दोषियों पर आर्थिक दंड (जुर्माना) भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
पीड़ित परिवार ने इस फैसले पर संतोष जताया है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए ऐसे कड़े फैसले ज़रूरी हैं ताकि समाज में डर पैदा हो।