सीतापुर : जनपद के बिसवां कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम क्योटी बादुल्ला में मंगलवार को नहर कटान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सोना भट्टा के पास अचानक नहर की पटरी कट जाने से तेज बहाव वाला पानी आसपास के खेतों में घुस गया। इस भीषण जलभराव के कारण देखते ही देखते लगभग 20 बीघा कृषि योग्य भूमि तालाब में तब्दील हो गई, जिससे गेहूं और सरसों जैसी महत्वपूर्ण रबी फसलें पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गई हैं।
नहर कटने के बाद पानी का दबाव इतना अधिक था कि उसने आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों, गन्ना, चना और मटर की फसलें पानी में डूब गईं। किसानों ने बदहवास होकर अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। कई किसानों ने निजी पंपिंग सेट (इंजन) लगाकर खेतों से पानी बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन नहर से लगातार हो रहे रिसाव के कारण उनकी मेहनत नाकाम साबित हो रही थी।
ग्रामीणों ने इस आपदा के पीछे एक चौंकाने वाला कारण बताया है। स्थानीय किसान सलीम के अनुसार, नहर की पटरी को 'शाही' (एक प्रकार का जंगली जानवर) ने खोदकर खोखला कर दिया था। विभाग द्वारा समय पर निगरानी और मरम्मत न किए जाने के कारण पानी के दबाव ने उस कमजोर हिस्से को पूरी तरह काट दिया। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही और नहरों की नियमित पेट्रोलिंग न होने की सजा आज गरीब अन्नदाताओं को भुगतनी पड़ रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) अमित कुमार आनन-फानन में टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दर्जनों मजदूरों को काम पर लगाया गया। मिट्टी भरी बोरियों की मदद से अस्थायी बांध बनाया गया। बाद में जेसीबी मशीन बुलाकर नहर की पटरी को मजबूती से बांधा गया, तब जाकर पानी का बहाव रुका।
बर्बाद हुई फसलों को देखकर किसानों की आंखों में आंसू हैं। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम भेजकर नुकसान का स्थलीय सर्वे कराया जाए। पीड़ित किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए। नहरों की पटरियों को भविष्य में जंगली जानवरों के नुकसान से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
विभागीय आश्वासन: जूनियर इंजीनियर ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि नुकसान का आकलन उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। साथ ही, उन्होंने भविष्य में नहर की नियमित निगरानी और सुदृढ़ीकरण का आश्वासन भी दिया है।