सीतापुर : उत्तर प्रदेश में अवैध अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को सीतापुर जनपद की लहरपुर कोतवाली के अंतर्गत नगर के मोहल्ला ठठेरी टोला में प्रशासन का पीला पंजा चला। यहाँ ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) के निकट करोड़ों की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए मकान और दुकानों को प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि मोहल्ला ठठेरी टोला स्थित नवीन परती भूमि (गाटा संख्या 1822) पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। लच्छन नगर निवासी अज़ीमुल्ला पुत्र उमराव ने इस सरकारी भूमि पर बिना किसी अनुमति के छह दुकानों का निर्माण कराया था और उसके ऊपर अपना रिहाइशी मकान भी बना लिया था।
तहसीलदार न्यायालय में चले वाद के बाद जब यह सिद्ध हो गया कि निर्माण पूरी तरह अवैध है, तो कोर्ट ने ध्वस्तीकरण (Demolition) के आदेश जारी किए। मंगलवार को जब बुलडोजर मौके पर पहुंचा, तो अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए तहसीलदार मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की बड़ी टीम मौके पर पहुंची। किसी भी अप्रिय घटना या विरोध को रोकने के लिए लहरपुर कोतवाली पुलिस का भारी बल तैनात रहा। जैसे ही बुलडोजर ने दुकानों के शटर और दीवारों को गिराना शुरू किया, आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के आगे किसी की एक न चली।
कार्रवाई के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए तहसीलदार मनीष त्रिपाठी ने बताया कि इस ध्वस्तीकरण के जरिए लगभग 55 लाख रुपये मूल्य की सरकारी संपत्ति को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तहसीलदार ने जनता से अपील की कि:
"कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले भूमि के स्वामित्व की जांच करें और संबंधित विभाग से वैध अनुमति अवश्य लें। यदि कोई सरकारी जमीन पर कब्जा करता पाया गया, तो भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
इस पूरी कार्रवाई को पारदर्शी बनाने के लिए राजस्व निरीक्षक अमर सिंह, लेखपाल आलोक श्रीवास्तव और राहुल यादव सहित पूरी टीम मौके पर डटी रही। शाम तक अवैध निर्माण को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया गया और जमीन को राजस्व विभाग के कब्जे में ले लिया गया।
लहरपुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद उन लोगों में दहशत है जिन्होंने नालों, चकमार्गों या नवीन परती भूमि पर अवैध निर्माण कर रखा है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं और चिह्नित किए गए अन्य अवैध ढांचों पर भी जल्द कार्रवाई होगी।