मंगलवार, 17 मार्च 2026
खेल समाचार

UttarWorld वार-अपडेट: अब ऑस्ट्रेलिया में ही रहेंगी ईरान की बेटियां! 2 और खिलाड़ियों ने मांगी शरण, देश लौटने पर 'गद्दार' घोषित होने का डर

By Uttar World Desk

11 मा, 2026 | 05:53 बजे
UttarWorld वार-अपडेट: अब ऑस्ट्रेलिया में ही रहेंगी ईरान की बेटियां! 2 और खिलाड़ियों ने मांगी शरण, देश लौटने पर 'गद्दार' घोषित होने का डर

इंटरनेशनल डेस्क (11 मार्च 2026): ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच खेल की दुनिया से एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आ रही है। ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी महिला फुटबॉल टीम की 2 और सदस्यों को मानवीय आधार पर शरण (Asylum) देने का फैसला किया है। इसके साथ ही अब कुल 7 महिला सदस्य (6 खिलाड़ी और 1 स्टाफ) ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित रुक गई हैं। UttarWorld News की खास रिपोर्ट में जानिए क्या है पूरा मामला।

राष्ट्रगान न गाना पड़ा भारी!

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया में चल रहे एशिया कप के दौरान ईरान की महिला टीम ने अपने मैच से पहले ईरान का राष्ट्रगान नहीं गाया। खिलाड़ियों की यह चुप्पी ईरान सरकार के खिलाफ विरोध का प्रतीक मानी गई। इसके बाद ईरान के सरकारी टीवी पर इन खिलाड़ियों को "गद्दार" (Traitors) करार दिया गया, जिससे उनके देश लौटने पर जान का खतरा पैदा हो गया था।

सिडनी एयरपोर्ट पर हुआ 'ऑपरेशन रेस्क्यू'

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि जब टीम वापस लौटने के लिए सिडनी एयरपोर्ट पहुँची, तो ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने हर खिलाड़ी से अकेले में बात की। उन्हें ईरानी सुरक्षा अधिकारियों (Minders) से अलग ले जाकर पूछा गया कि क्या वे सुरक्षित महसूस करती हैं। इसी दौरान 1 खिलाड़ी और 1 सपोर्ट स्टाफ ने शरण की मांग की। इससे पहले 5 खिलाड़ियों को पहले ही शरण दी जा चुकी थी।

ट्रंप और ऑस्ट्रेलियाई पीएम की बातचीत

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीस से इस "नाजुक स्थिति" पर बात की थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी अपील की थी कि इन महिलाओं को वापस न भेजा जाए, वरना यह एक बड़ी मानवीय गलती होगी।

12 महीने का वीजा और नई शुरुआत

इन महिलाओं को फिलहाल 12 महीने का मानवीय वीजा दिया गया है, जिसे बाद में परमानेंट रेजिडेंसी (PR) में बदला जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के मशहूर फुटबॉल क्लब ब्रिस्बेन रोअर (Brisbane Roar) ने इन खिलाड़ियों को अपने साथ ट्रेनिंग करने का ऑफर भी दिया है।

एक खिलाड़ी का मन बदला

खबरों के मुताबिक, शरण मांगने वाली एक खिलाड़ी ने बाद में अपना इरादा बदल लिया और वह बाकी टीम के साथ वापस लौट गई। फिलहाल टीम के बाकी सदस्य मलेशिया के कुआलालंपुर में रुके हुए हैं और वहां से ईरान जाने का इंतजार कर रहे हैं।

Uttar World News on Facebook

खबरों की पल-पल की अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को अभी लाइक करें।

अभी Like करें