न्यूज़ डेस्क: दुनिया के सबसे बड़े खेल महाकुंभ 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' के आगाज में अब महज 100 दिन का समय बचा है, लेकिन इस बार जश्न से ज्यादा चिंता के बादल छाए हुए हैं। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों और मैक्सिको में भड़की भीषण हिंसा ने इस मेगा इवेंट के आयोजन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
1. ईरान का वर्ल्ड कप से बाहर होना लगभग तय?
ईरान, जो इस वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने वाली शुरुआती टीमों में से एक था, अब टूर्नामेंट से हटने की कगार पर है। ईरान के शीर्ष फुटबॉल अधिकारी मेहदी ताज ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके देश पर हुए हमलों (जिसमें सर्वोच्च नेता की मौत हुई) के बाद वे फुटबॉल के बारे में नहीं सोच सकते। ईरान के मैच अमेरिका के लॉस एंजिल्स और सिएटल में होने थे, लेकिन युद्ध और वीजा प्रतिबंधों के चलते ईरानी टीम का वहां पहुंचना नामुमकिन लग रहा है।
2. मैक्सिको में 'कार्टेल वॉर' का साया
वर्ल्ड कप के सह-मेजबान मैक्सिको में ड्रग कार्टेल के सरगना की हत्या के बाद हिंसा चरम पर है। मेजबान शहर ग्वाडलजारा में सड़कों पर आगजनी और गोलीबारी की खबरें हैं। हालांकि फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम के साथ बैठक के बाद सुरक्षा का भरोसा जताया है, लेकिन विदेशी प्रशंसकों में डर का माहौल है।
3. ट्रंप की नीतियां और 'बहिष्कार' की गूंज
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त आव्रजन (Immigration) नीतियों और कुछ देशों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों ने खेल जगत को दो गुटों में बांट दिया है। जर्मनी जैसे देशों के कुछ फुटबॉल अधिकारियों ने तो ट्रंप की नीतियों के विरोध में वर्ल्ड कप के बहिष्कार (Boycott) तक की बात कह दी है।
4. टिकटों की आसमान छूती कीमतें और फंड की कमी
मैदान के बाहर भी चुनौतियां कम नहीं हैं। टिकटों की कीमतें $1,000 (लगभग 83,000 रुपये) के पार पहुंच गई हैं, जिससे आम प्रशंसक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका के कुछ मेजबान शहरों (जैसे फॉक्सबोरो और बोस्टन) ने सुरक्षा खर्च के लिए फीफा से करोड़ों डॉलर की मांग की है, जिससे मैचों के आयोजन पर अनिश्चितता बनी हुई है।