प्राग (चेक गणराज्य): दुनिया के प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में से एक 'प्राग चेस फेस्टिवल 2026' अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुका है। छठे दौर (Round 6) के मुकाबलों ने यह साबित कर दिया है कि शतरंज की बिसात पर अनुभव से ज्यादा मौजूदा फॉर्म और मानसिक मजबूती मायने रखती है। UttarWorld News की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए आज की बाजियों का हाल।
1. शीर्ष खिलाड़ियों के बीच 'ड्रा' की जंग
छठे दौर के मास्टर्स ग्रुप में आज कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि शीर्ष रैंक वाले खिलाड़ियों के बीच की ज्यादातर बाजियां 'ड्रा' पर समाप्त हुईं। दोनों पक्षों ने सुरक्षात्मक रणनीति अपनाई, जिसके चलते बोर्ड पर किसी भी खिलाड़ी को निर्णायक बढ़त नहीं मिल सकी। हालांकि, समय के दबाव (Time Pressure) ने खेल को काफी तनावपूर्ण बना दिया था।
2. युवाओं ने दी अनुभवी ग्रैंडमास्टर्स को मात
टूर्नामेंट के इस पड़ाव पर युवा खिलाड़ियों ने अपने आक्रामक खेल से सबको चौंका दिया है। छठे राउंड में एक उभरते हुए युवा ग्रैंडमास्टर ने अपनी 'एंडगेम' (Endgame) तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक अनुभवी खिलाड़ी को हार मानने पर मजबूर कर दिया। इस जीत के साथ ही लीडरबोर्ड के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
3. लीडरबोर्ड की ताजा स्थिति
छठे राउंड की समाप्ति के बाद अब खिताबी दौड़ और भी रोचक हो गई है। दो से तीन खिलाड़ी लगभग बराबर अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। अब सारा दारोमदार आने वाले तीन राउंड्स पर टिका है। कोई भी एक गलती किसी भी खिलाड़ी को चैंपियनशिप की रेस से बाहर कर सकती है।
4. भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
भारतीय फैंस के लिए भी यह राउंड मिला-जुला रहा। भारतीय ग्रैंडमास्टर्स ने अपनी बाजियों में मजबूती दिखाई है और वे टॉप-5 की रेस में बने हुए हैं। उनकी सटीक चालों और धैर्य ने अंतरराष्ट्रीय कमेंटेटर्स को भी प्रभावित किया है।