सुलतानपुर: जिले को दहला देने वाले चर्चित डॉक्टर हत्याकांड मामले में दो साल से चली आ रही अदालती सुनवाई अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। हालांकि, इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के लिए यह राह कठिन नजर आ रही है, क्योंकि मुख्य गवाहों ने कोर्ट में अपने बयानों से पलटकर केस की दिशा बदल दी है।
सुलतानपुर के प्रतिष्ठित डॉक्टर की हत्या ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस ने इस मामले में कड़ी जांच के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था और चार्जशीट दाखिल की थी। मामला ज़मीन विवाद और आपसी रंजिश से जुड़ा बताया गया था। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। दो साल तक चले लंबे ट्रायल के दौरान दर्जनों गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
केस के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों ने कोर्ट में जिरह के दौरान अपने शुरुआती बयानों से विपरीत गवाही दी। कुछ गवाहों ने घटना स्थल पर आरोपियों की मौजूदगी या उनकी पहचान करने से भी इनकार कर दिया, जिससे पुलिस की थ्योरी को बड़ा झटका लगा है। बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से उनके मुवक्किलों को फंसाया था, जिसका प्रमाण गवाहों के बयान हैं। वहीं, सरकारी वकील का कहना है कि गवाहों को डराया-धमकाया गया है या वे दबाव में आकर अपने बयान बदल रहे हैं।
ट्रायल खत्म होने के बाद अब अदालत इस मामले में अंतिम बहस सुनेगी और उसके बाद फैसला सुरक्षित रखा जाएगा। सुलतानपुर के लोग और डॉक्टर समुदाय इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यदि गवाहों के मुकरने का असर फैसले पर पड़ा, तो आरोपियों को संदेह का लाभ मिल सकता है।