उत्तर प्रदेश अब केवल खेती-किसानी ही नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार की 'डेटा सेंटर नीति' और 'इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति' ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है।
डेटा सेंटर में भारी निवेश: आज के डिजिटल युग में सारा डेटा सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। यूपी सरकार ने इसे समझते हुए राज्य में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश से 8 अत्याधुनिक 'डेटा सेंटर पार्क्स' बनाने का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि 250 मेगावाट का शुरुआती लक्ष्य तो पहले ही साल में पूरा कर लिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 900 मेगावाट कर दिया गया है। इससे आपकी इंटरनेट सेवाओं और डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने में यूपी देश का नेतृत्व करेगा।
दुनिया की दिग्गज कंपनियां अब यूपी में: राज्य की नीतियों का ही असर है कि आज सैमसंग (Samsung), वीवो (Vivo), ओप्पो (Oppo) और हायर (Haier) जैसी वैश्विक कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित की हैं।
-
ग्रेटर नोएडा में 100 एकड़ में एक विशाल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाया जा रहा है।
-
इस क्षेत्र में अब तक 40,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है, जिससे करीब 3 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं।
भविष्य की तकनीक: लिथियम-आयन सेल आने वाला समय इलेक्ट्रिक गाड़ियों और गैजेट्स का है। इसे देखते हुए नोएडा के सी-डैक परिसर में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना की गई है, जहाँ बैटरी के लिए इस्तेमाल होने वाले 'लिथियम-आयन सेल' पर रिसर्च और निर्माण होगा। साथ ही, निवेशकों की सुविधा के लिए अब एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिससे यूपी में बिजनेस करना और भी आसान हो गया है।
शिक्षण बिंदु (For Students): बच्चों, यह खबर हमें बताती है कि कैसे सही नीतियों और तकनीक के साथ हमारा प्रदेश दुनिया के डिजिटल मानचित्र पर चमक रहा है। भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ बनने की चाह रखने वाले छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश में ही अपार अवसर पैदा हो रहे हैं।