आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Nvidia जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उसी रफ्तार से डच कंपनी ASML भी चुपचाप लेकिन मजबूती से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। वजह है ASML की वे विशाल और बेहद जटिल लेज़र आधारित चिप प्रिंटिंग मशीनें, जिनके बिना आज के एडवांस AI चिप्स बन ही नहीं सकते। Nvidia, TSMC और Intel जैसी दिग्गज कंपनियां जिन हाई-परफॉर्मेंस चिप्स पर काम कर रही हैं, उनकी नींव ASML की EUV (एक्सट्रीम अल्ट्रावॉयलेट) लिथोग्राफी तकनीक पर टिकी है।
ASML की ये मशीनें आकार में एक छोटे घर जितनी होती हैं और कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये तक पहुंचती है, लेकिन इसके बावजूद दुनिया की तमाम सेमीकंडक्टर कंपनियां इन्हें खरीदने के लिए कतार में हैं। AI सर्वर, डेटा सेंटर और सुपरकंप्यूटिंग की बढ़ती मांग ने ASML के ऑर्डर बुक को भर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि Nvidia की सफलता का सीधा फायदा ASML को मिल रहा है, क्योंकि जितनी ज्यादा AI चिप्स बनेंगी, उतनी ही ज्यादा जरूरत ASML की मशीनों की होगी। यही कारण है कि ASML आज यूरोप की सबसे ताकतवर टेक कंपनियों में गिनी जा रही है और आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका और भी निर्णायक मानी जा रही है।