Google ने अपने वॉइस-एक्टिवेटेड असिस्टेंट — Google Assistant से जुड़े एक बड़े क्लास-एक्शन मुकदमे को $68 मिलियन (करीब ₹560 करोड़ से ज़्यादा) में निपटाया है, जो यूज़र प्राइवेसी के उल्लंघन से जुड़ा था।
यूज़र्स का आरोप था कि Google Assistant उनके फोन या स्मार्ट डिवाइसेज़ पर उनकी अनुमति के बिना “false accepts” के माध्यम से रिकॉर्डिंग करता था — यानी जब असिस्टेंट बिना “Hey Google” या “OK Google” बोले भी सक्रिय हो जाता था और निजी बातचीत रिकॉर्ड हो जाती थी। आरोपियों ने कहा कि इन रिकॉर्डिंग्स का इस्तेमाल टारगेटेड विज्ञापन दिखाने के लिए किया गया।
Google ने किसी भी ग़लत काम को मान्यता नहीं दी, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया के जोखिम और लागत से बचने के लिए यह समझौता चुना। यह समझौता संयुक्त राज्य अमेरिका के सान जोस, कैलिफ़ोर्निया के संघीय न्यायालय में दायर किया गया और अब जज बेथ लैबसन फ्रीमैन की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा है।
मुकदमे में दावा किया गया कि जिन यूज़र्स ने May 18, 2016 के बाद से Google Assistant-सक्षम डिवाइसेज़ खरीदे या इस्तेमाल किए हैं, उन्हें इस समझौते के तहत क्षतिपूर्ति मिल सकती है। वकील कुल राशि का लगभग एक-तिहाई ($22.7 मिलियन) कानूनी फीस के तौर पर मांग सकते हैं। यह मामला इसी तरह के Apple के Siri से जुड़े $95 मिलियन समझौते के बाद आया है, जहाँ समान आरोपों का निपटारा पहले ही हुआ था।