UttarWorld News Desk | नई दिल्ली : भारत के लाखों युवाओं के लिए गूगल, अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों में काम करना एक 'ड्रीम जॉब' की तरह होता है। लेकिन एक नए सर्वे ने इस सपने की हकीकत बयां कर दी है। प्रोफेशनल कम्युनिटी ऐप 'Blind' द्वारा किए गए एक बड़े सर्वे में सामने आया है कि जिन कंपनियों में लोग सबसे ज्यादा काम करना चाहते हैं, वहां काम करने वाले कर्मचारी खुद अपनी कंपनी की रेटिंग से खुश नहीं हैं।
सैलरी तो भरपूर, लेकिन सुकून गायब?
सर्वे में खुलासा हुआ कि अमेज़न और मेटा जैसी कंपनियाँ सबसे ज्यादा सैलरी देने के मामले में टॉप पर हैं, लेकिन 'बेस्ट एम्प्लॉयर' (Best Employer) की टॉप-15 लिस्ट से गायब हैं। कर्मचारियों ने 2026 में Nvidia, Google, Apple, Adobe, Akamai और CRED जैसी कंपनियों को काम करने के लिए सबसे बेहतर माना है। हैरानी की बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियाँ टॉप-15 में अपनी जगह नहीं बना पाईं।
इन कंपनियों की रेटिंग सबसे कम
सर्वे के अनुसार, Ola, OYO, Samsung Electronics, Paytm, Infosys और HCL जैसी कंपनियों के कर्मचारियों ने काम के माहौल, वर्क-लाइफ बैलेंस और मैनेजमेंट को लेकर कम रेटिंग दी है। इन्हें 'Lowest-Rated' एम्प्लॉयर्स की श्रेणी में रखा गया है।
सैलरी का चार्ट: मेटा (Meta) सबसे आगे
सैलरी के मामले में टेक दिग्गज अभी भी युवाओं के आकर्षण का केंद्र हैं। भारत में औसत सालाना पैकेज (Median Total Compensation) के मामले में ये कंपनियाँ सबसे आगे हैं: Meta: $290,000 (लगभग ₹2.4 करोड़+), Broadcom: $205,000, Apple: $200,000, Amazon: $124,000
AI और ऑटोमेशन का बढ़ता खतरा
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत का $300 बिलियन का आईटी सेक्टर एआई (AI) के कारण संकट में है। UttarWorld के विश्लेषण के अनुसार, इन्फोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियों पर निर्भरता कम हो रही है क्योंकि एआई टूल अब वो काम खुद कर रहे हैं, जिसके लिए पहले हजारों टेकies की जरूरत होती थी।
उत्तर वर्ल्ड (UttarWorld.com) विशेष सलाह:
अगर आप भी आईटी सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं, तो केवल सैलरी और कंपनी के नाम पर न जाएं। कर्मचारियों का फीडबैक और वर्क कल्चर आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए उतना ही जरूरी है जितना कि आपका पैकेज।