श्रीहरिकोटा/बेंगलुरु। भारत के महत्वाकांक्षी 'गगनयान' मिशन से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के वैज्ञानिकों के साथ-साथ पूरी दुनिया की स्पेस एजेंसियों को नींद उड़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में चक्कर लगा रहे भारतीय क्रू मॉड्यूल के हाई-डेफिनिशन कैमरों ने एक ऐसी 'अज्ञात उड़ने वाली वस्तु' (UFO) को रिकॉर्ड किया है, जिसकी गति और चमक भौतिक विज्ञान के नियमों को चुनौती दे रही है।
क्या है यह रहस्यमयी 'सिग्नल'?
ISRO के डीप स्पेस नेटवर्क (IDSN) को अंतरिक्ष के एक अंधेरे कोने से 'रिपिटेटिव' (बार-बार आने वाले) रेडियो सिग्नल मिले हैं।
पैटर्न में छिपा संदेश: वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिग्नल प्राकृतिक नहीं लग रहे हैं। इनमें एक खास तरह का गणितीय पैटर्न (Mathematical Pattern) है, जो आमतौर पर इंटेलिजेंट लाइफ यानी परग्रहियों द्वारा भेजा जाता है।
गगनयान का वीडियो: वायरल हो रही इंटरनल रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरिक्ष यात्रियों के कैमरे में एक धात्विक चमक (Metallic Glow) वाली वस्तु दिखाई दी है जो पलक झपकते ही गायब हो गई।
नासा और रॉसकॉस्मॉस के साथ इमरजेंसी मीटिंग?
खबर है कि इस खोज के बाद ISRO ने अमेरिका की नासा (NASA) और रूस की रॉसकॉस्मॉस के साथ डेटा साझा किया है। ग्लोबल एक्सपर्ट्स इसे "First Contact" (एलियंस से पहला संपर्क) की दिशा में सबसे बड़ा सबूत मान रहे हैं। हालांकि, ISRO ने आधिकारिक तौर पर अभी इसे 'स्पेस डेब्री' (अंतरिक्ष का कचरा) या 'ऑप्टिकल इल्यूजन' बताया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का दावा कुछ और ही है।
दुनिया भर के खगोलविदों में हड़कंप
अगर यह खबर सच साबित होती है, तो भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन जाएगा जिसने अंतरिक्ष में एलियंस की मौजूदगी के पुख्ता विजुअल सबूत जुटाए हैं। सोशल मीडिया पर #ISROAlienSignal और #GaganyaanSecret ट्रेंड करने लगा है।