मंगलवार, 31 मार्च 2026
टेक्नोलॉजी

टेक कंपनियों की मनमानी पर मोदी सरकार का 'डिजिटल प्रहार'; अब सलाह नहीं, कानून मानना होगा मजबूरी

By Uttar World Desk

31 मा, 2026 | 11:13 बजे
टेक कंपनियों की मनमानी पर मोदी सरकार का 'डिजिटल प्रहार'; अब सलाह नहीं, कानून मानना होगा मजबूरी

नई दिल्ली (उत्तर वर्ल्ड ब्यूरो): राजधानी दिल्ली के गलियारों से तकनीक की दुनिया के लिए एक बड़ी खबर निकलकर आ रही है। भारत सरकार अब गूगल (Google), फेसबुक (Facebook) और अमेज़न (Amazon) जैसे ग्लोबल टेक दिग्गजों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर चुकी है। केंद्र सरकार एक ऐसा क्रांतिकारी प्रस्ताव लेकर आई है, जिसके बाद सरकार द्वारा जारी की जाने वाली 'एडवाइजरी' (Advisories) अब केवल कागजी सलाह नहीं, बल्कि कानूनी रूप से बाध्यकारी (Legally Binding) होगी।

अभी तक सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) जब भी किसी सुरक्षा या डेटा प्राइवेसी के मुद्दे पर निर्देश जारी करता था, तो टेक कंपनियां उसे केवल एक 'सुझाव' की तरह लेती थीं। लेकिन उत्तर वर्ल्ड को मिली जानकारी के अनुसार, नए नियमों के तहत अब इन कंपनियों के पास कोई विकल्प नहीं बचेगा। अगर सरकार ने किसी कंटेंट को हटाने या सुरक्षा मानकों को बढ़ाने का आदेश दिया, तो उसे 'कानून' की तरह मानना होगा।

दिल्ली में उच्च स्तरीय सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय में 'डीपफेक' (Deepfake) और भ्रामक जानकारियों (Fake News) के कारण देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर खतरा बढ़ा है। सरकार का मानना है कि केवल सलाह देने से काम नहीं चलेगा, अब इन कंपनियों को भारतीय कानून के दायरे में पूरी तरह जवाबदेह बनाना होगा।

इस खबर के बाहर आते ही सिलिकॉन वैली से लेकर दिल्ली के कॉर्पोरेट ऑफिसों तक हड़कंप मच गया है। जानकारों का कहना है कि यह कदम 'डिजिटल इंडिया' को सुरक्षित बनाने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा 'सर्जिकल स्ट्राइक' साबित हो सकता है। इससे न केवल यूज़र्स का डेटा सुरक्षित होगा, बल्कि विदेशी कंपनियों की मनमानी पर भी पूरी तरह लगाम लग जाएगी।

Uttar World News on Facebook

खबरों की पल-पल की अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को अभी लाइक करें।

अभी Like करें