वाशिंगटन/न्यूयॉर्क: अंतरिक्ष की दुनिया में वर्चस्व की जंग अब और भी तेज हो गई है। रॉयटर्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) और जेफ बेजोस (Jeff Bezos) अपनी कंपनियों क्रमशः SpaceX और Blue Origin के जरिए चंद्रमा पर चीन की बढ़ती मौजूदगी को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
चीन बनाम अमेरिका: चांद पर कब्जे की होड़
चीन के महत्वाकांक्षी मून मिशन और 2030 तक चंद्रमा पर अपने एस्ट्रोनॉट्स भेजने की योजना ने पेंटागन और व्हाइट हाउस की चिंता बढ़ा दी है। इस चुनौती का जवाब देने के लिए अमेरिकी सरकार अब निजी क्षेत्र (Private Sector) के इन दो दिग्गजों पर दांव लगा रही है।
मस्क का 'Starship': एलन मस्क की कंपनी SpaceX अपने विशालकाय 'स्टारशिप' रॉकेट के जरिए भारी पेलोड चांद पर उतारने की तैयारी में है।
बेजोस का 'Blue Moon': जेफ बेजोस की कंपनी Blue Origin अपने 'ब्लू मून' लैंडर पर काम तेज कर रही है, जिसे नासा (NASA) के 'आर्टेमिस' प्रोग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अरबपतियों की रेस या राष्ट्रीय सुरक्षा?
रिपोर्ट के अनुसार, यह केवल दो अमीरों के बीच की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुका है। चीन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर संसाधन और बर्फ की खोज में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर चीन पहले वहां बेस बना लेता है, तो वह रणनीतिक रूप से अमेरिका से आगे निकल सकता है।
स्पेस सेक्टर में निवेश का नया दौर
मस्क और बेजोस की सक्रियता ने अंतरिक्ष उद्योग में भारी निवेश के दरवाजे खोल दिए हैं। दोनों कंपनियां न केवल रॉकेट बना रही हैं, बल्कि चांद पर रहने योग्य बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और ऊर्जा स्रोतों पर भी शोध कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 साल यह तय करेंगे कि अंतरिक्ष के संसाधनों पर किस महाशक्ति का नियंत्रण होगा।