वॉशिंगटन: नासा के Artemis II मिशन ने सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। मिशन के छठे दिन, चार अंतरिक्ष यात्रियों ने धरती से 2,52,756 मील (लगभग 4,06,771 किमी) की दूरी तय की, जो मानव इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 1970 में Apollo 13 मिशन के नाम था।
चांद के दीदार और 40 मिनट का 'ब्लैकआउट'
मिशन के दौरान ओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट चांद की सतह से महज 4,067 मील की ऊंचाई से गुजरा। जब स्पेसक्राफ्ट चांद के 'डार्क साइड' (पिछली तरफ) गया, तो करीब 40 मिनट तक धरती से उसका संपर्क पूरी तरह टूट गया। इसे 'कम्युनिकेशन ब्लैकआउट' कहा जाता है। जैसे ही यान चांद के पीछे से बाहर निकला, अंतरिक्ष यात्रियों ने एक अद्भुत 'Earthrise' (चांद की सतह से पृथ्वी का उदय) देखा, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
सोलर एक्लिप्स और नए नाम
इस यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से एक दुर्लभ सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) भी देखा। कमांडर रीड वाइसमैन और उनकी टीम ने चांद पर दो नए क्रेटर्स (गड्ढों) के नाम भी सुझाए हैं। एक का नाम यान के सम्मान में 'Integrity' और दूसरे का नाम वाइसमैन की दिवंगत पत्नी के सम्मान में 'Carroll' रखा गया है।
अगला पड़ाव: धरती पर वापसी
7 घंटे के सफल लूनर फ्लाईबाय के बाद अब ओरियन यान वापस धरती की ओर मुड़ चुका है। योजना के मुताबिक, यह शुक्रवार, 10 अप्रैल को रात करीब 8:07 बजे (EDT) कैलिफोर्निया के तट पर प्रशांत महासागर में 'स्प्लैशडाउन' (लैंडिंग) करेगा।