मंगलवार, 17 मार्च 2026
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अमेरिका और एंथ्रोपिक (Anthropic) के बीच बढ़ी तनातनी: राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी संघीय एजेंसियों को AI कंपनी से दूरी बनाने का दिया आदेश

By Uttar World Desk

01 मा, 2026 | 06:58 बजे
अमेरिका और एंथ्रोपिक (Anthropic) के बीच बढ़ी तनातनी: राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी संघीय एजेंसियों को AI कंपनी से दूरी बनाने का दिया आदेश

वॉशिंगटन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिग्गज कंपनी 'एंथ्रोपिक' (Anthropic) और अमेरिकी सरकार के बीच चल रहा विवाद अब एक बड़े टकराव में बदल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी संघीय (Federal) एजेंसियों को एंथ्रोपिक की तकनीक का इस्तेमाल 'तत्काल प्रभाव' से बंद करने का आदेश दिया है। इस फैसले ने सिलिकॉन वैली से लेकर वॉशिंगटन तक हलचल मचा दी है।

यह विवाद पिछले कई हफ्तों से पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) और एंथ्रोपिक के बीच चल रहा था। मुख्य मुद्दा यह था कि सेना एआई तकनीक का इस्तेमाल कैसे करेगी। एंथ्रोपिक ने अपनी एआई मॉडल 'क्लॉड' (Claude) को सैन्य उपयोग में लाने से पहले कुछ शर्तें रखी थीं, जैसे: एआई का इस्तेमाल नागरिकों की सामूहिक निगरानी (Mass Surveillance) के लिए नहीं किया जाएगा। इसे पूरी तरह से स्वायत्त हथियारों (Fully Autonomous Weapons) में नहीं लगाया जाएगा।

हालांकि, एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार द्वारा पेश किए गए समझौते में ऐसी कानूनी भाषा (Legalese) जोड़ी गई थी, जिससे इन सुरक्षा शर्तों को कभी भी नजरअंदाज किया जा सकता था। इसी के बाद एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने रक्षा विभाग की मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस फैसले की घोषणा करते हुए एंथ्रोपिक को "वामपंथी" (Left-wing nut jobs) करार दिया। उन्होंने कहा, "हमें उनकी तकनीक की जरूरत नहीं है और हम उनके साथ दोबारा कभी काम नहीं करेंगे।" ट्रंप ने रक्षा विभाग और अन्य एजेंसियों को तकनीक को हटाने के लिए 6 महीने की मोहलत दी है, ताकि सैन्य प्लेटफार्मों से इसे सुरक्षित रूप से हटाया जा सके। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी ने इस प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया, तो सरकार "कानूनी परिणामों" (Civil and Criminal consequences) के साथ कठोर कार्रवाई करेगी।

यह मामला एआई कंपनियों और सरकार के बीच रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। दिलचस्प बात यह है कि एंथ्रोपिक के प्रतिद्वंद्वी और OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी इस मामले में एंथ्रोपिक का समर्थन किया है। उन्होंने पेंटागन के इस "धमकी भरे" व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, गूगल और अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी एंथ्रोपिक के स्टैंड का समर्थन कर रहे हैं, जिससे यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में एआई कंपनियां राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अपनी 'एथिकल गाइड्स' (नैतिकता) से समझौता करेंगी।

एंथ्रोपिक उन पहली एआई लैब में से है जिसने अपनी तकनीक को क्लाउड के जरिए वर्गीकृत सैन्य नेटवर्कों से जोड़ा था। अब इस फैसले के बाद, अमेरिकी सरकार किस एआई कंपनी (OpenAI या Google) को अपना नया पार्टनर बनाएगी, यह देखना बाकी है। जानकारों का कहना है कि सरकार अब ऐसी कंपनियों की तलाश करेगी जो रक्षा विभाग की शर्तों पर बिना किसी 'लेकिन-मगर' के काम करने को तैयार हों।

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