वाराणसी: काशी की पावन गंगा में नाविकों द्वारा बीयर पीने और डीजे पर नाचने का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीति गरमा गई है। एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो को आधार बनाकर केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार को घेरे में लिया है। ओवैसी ने सवाल उठाया है कि क्या इस मामले में भी पुलिस उतनी ही तत्परता दिखाएगी जितनी उसने 'इफ्तार पार्टी' मामले में दिखाई थी।
ओवैसी ने 6 बड़े सवाल सरकार और प्रशासन से पूछा:
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क्या गंगा में शराब का यह सेवन जायज है?
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क्या शराब से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचती?
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क्या इससे सामाजिक सौहार्द नहीं बिगड़ता?
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क्या इससे सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) नहीं होता?
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क्या यह 'वॉटर एक्ट' (Water Act) का उल्लंघन नहीं है?
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क्या सत्ताधारी दल के लोग इसकी शिकायत नहीं करेंगे?
ओवैसी ने याद दिलाया कि इसी साल 16 मार्च को गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी करने के आरोप में 14 मुस्लिम लड़कों को महज 8 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने गंगा में चिकन की हड्डियां फेंकी थीं। ओवैसी का कहना है कि वे लड़के अब भी जेल में हैं और उनकी बेल (जमानत) बार-बार खारिज की जा रही है।
वाराणसी पुलिस (एसीपी दशाश्वमेध अतुल अनजान त्रिपाठी) ने बताया कि यह वीडियो पारंपरिक शोभा यात्रा का लग रहा है जो वाराणसी से मिर्जापुर तक जाती है। पुलिस फिलहाल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके।