वाराणसी: उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी वाराणसी में शुक्रवार को सियासी पारा अचानक चढ़ गया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर दिए गए एक बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने इसे बाबा विश्वनाथ की नगरी में लोकतंत्र और गरिमा का अपमान बताया।
दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखी टिप्पणी की थी। इस बयान के वायरल होते ही कांग्रेस खेमे में भारी नाराजगी देखी गई। वाराणसी में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कचहरी मुख्यालय के पास एकत्रित होकर असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंकने का प्रयास किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी के नेता अपनी मर्यादा खो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब विपक्ष जनता के मुद्दे उठाता है, तब-तब सत्ता पक्ष के नेता व्यक्तिगत छींटाकशी पर उतर आते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि हिमंता बिस्वा सरमा को अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
हंगामे और प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी प्रशासन ने जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, जिसके चलते कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया गया।