वाराणसी (उत्तर प्रदेश): धर्म नगरी काशी से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। मेरठ और अयोध्या के बाद अब वाराणसी जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुक्रवार दोपहर तमिलनाडु से आए एक धमकी भरे ईमेल के बाद पूरी कचहरी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने बिना देरी किए पूरे परिसर को खाली कराकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
तमिलनाडु से आया धमकी भरा ईमेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु के किसी 'सुनिया डासन' (Suniya Dasan) नामक व्यक्ति की आईडी से भेजा गया है। ईमेल में दावा किया गया है कि वाराणसी कोर्ट परिसर में बम प्लांट किया गया है और जल्द ही ब्लास्ट होगा। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने हाई अलर्ट जारी कर दिया।
परिसर खाली, वकीलों और फरियादियों में दहशत धमकी की पुष्टि होते ही भारी पुलिस बल, एटीएस (ATS) और बम निरोधक दस्ते (BDS) ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। सभी अदालतों की कार्यवाही रोक दी गई और जजों, वकीलों व फरियादियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। चश्मदीदों के मुताबिक, अचानक हुई इस कार्रवाई से कचहरी में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
सघन तलाशी अभियान (Search Operation) जारी डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता कचहरी के चप्पे-चप्पे की जांच कर रहा है। वकीलों के चैंबर, पार्किंग स्टैंड और कैंटीन जैसे संवेदनशील इलाकों को बारीकी से खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। साइबर सेल उस आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने में जुटी है, जिससे यह धमकी भरा मेल भेजा गया था।
यूपी की अदालतों पर 'साइबर अटैक' का खतरा? गौरतलब है कि आज ही के दिन मेरठ और अयोध्या की कचहरियों को भी इसी तरह की धमकी मिली है। एक ही दिन में उत्तर प्रदेश की तीन बड़ी अदालतों को निशाना बनाने की इस कोशिश ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इसे किसी बड़ी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।