वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'काशी विश्वनाथ धाम' के बाद अब वाराणसी की ऐतिहासिक दालमंडी गली का हुलिया पूरी तरह बदलने वाला है। मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में प्रशासन ने दालमंडी में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
60 फीट चौड़ी होगी दालमंडी की गली
प्रशासन के मास्टर प्लान के मुताबिक, चौक थाने से लेकर लंगड़े हाफिज मस्जिद और करीमुल्ला बेग मस्जिद तक की इस 650 मीटर लंबी गली को अब 17.4 मीटर (लगभग 60 फीट) चौड़ा किया जाना है। इसके लिए कुल 187 भवनों और दुकानों को जमींदोज करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 60 से 65 भवनों को ढहाया जा चुका है।
विरोध के बीच कार्रवाई जारी
ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ भवन स्वामियों और दुकानदारों ने विरोध भी जताया, लेकिन प्रशासन ने लीगल प्रोसेस और रजिस्ट्री का हवाला देते हुए कार्रवाई जारी रखी। मौके पर बुलडोजर, हथौड़े और कटर मशीनों के जरिए बहुमंजिला इमारतों को मलबे में तब्दील किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को 30 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करना है।
वीआईपी मूवमेंट और श्रद्धालुओं की भीड़
कार्रवाई के दौरान काशी में वीआईपी मूवमेंट भी तेज रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगमन की खबरों के बीच सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। वहीं, दूसरी ओर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जिन्हें बैरिकेडिंग के जरिए सुगम दर्शन कराने की कोशिश की गई।