वाराणसी: धर्म की नगरी काशी में मां गंगा की पवित्रता को ठेस पहुंचाने वाला एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि को जहां पूरा शहर भक्ति में लीन था, वहीं गंगा की लहरों पर चलती एक नाव में कुछ युवक बीयर पीते और अश्लील गानों पर डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। यह मामला अब तूल पकड़ चुका है और लोग इसकी तुलना हालिया 'इफ्तार कांड' से कर रहे हैं।
परंपरा की आड़ में हुड़दंग? जानकारी के अनुसार, रविवार को मांझी समाज की सदियों पुरानी परंपरा के तहत करीब 4000 नाविक 1500 नावों के साथ शीतला माता धाम के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान एक नाव को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाकर उस पर बड़े-बड़े डीजे लगाए गए थे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ युवक हाथ में बीयर की बोतलें लेकर नशे में झूम रहे हैं और तेज आवाज़ में गाने बजा रहे हैं।
इफ्तार केस से हो रही तुलना सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आने के बाद बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब गंगा में इफ्तार पार्टी और बिरयानी खाने के आरोप में 14 मुस्लिम युवकों को जेल भेजा जा सकता है, तो क्या इन हुड़दंगियों पर भी वैसी ही सख्त कार्रवाई होगी? यूजर्स पूछ रहे हैं कि क्या गंगा की मर्यादा के नियम सबके लिए एक समान हैं?
पुलिस की कार्रवाई और मांझी समाज का रुख वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एएसपी दशाश्वमेध अतुल अनजान त्रिपाठी ने बताया कि वीडियो में दिख रहे युवकों को चिन्हित किया जा रहा है और दोष सिद्ध होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मांझी समाज ने खुद को इस कृत्य से अलग कर लिया है। समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस को पत्र लिखकर इन 'उपद्रवियों' पर कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि वे ऐसी हरकतों का समर्थन नहीं करते।