वाराणसी (पूर्वांचल): संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 647वीं जयंती से एक दिन पहले शनिवार की शाम से ही वाराणसी भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गई। श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर, सीर गोवर्धनपुर में मुख्य आयोजन से पहले ही हुकुलगंज स्थित संत रविदास पार्क में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। पूर्व संध्या पर हुए भव्य कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
आतिशबाजी और जयकारों से गूंज उठा पार्क: शाम ढलते ही संत रविदास पार्क शानदार रोशनी से जगमगा उठा। रंग-बिरंगी लाइटें, भव्य सजावट और आसमान में गूंजती आतिशबाजी ने माहौल को और भी मनमोहक बना दिया। डीजे की धुन पर 'जय गुरुदेव' के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु झूमते और नाचते नजर आए। यह दृश्य बेहद अद्भुत और ऊर्जा से भरा था।
देश-विदेश से जुटे श्रद्धालु: रविदास जयंती के अवसर पर देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी वाराणसी पहुँच रहे हैं। सीर गोवर्धनपुर स्थित जन्मस्थान मंदिर में लाखों की भीड़ जुटने की उम्मीद है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं।
भाईचारे और एकता का संदेश: संत रविदास जयंती केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि समाज में समानता, भाईचारे और एकता का संदेश देने वाला पर्व भी है। इस अवसर पर सभी श्रद्धालु एक साथ मिलकर गुरु रविदास के आदर्शों को याद करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।