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दिल्ली में बिजली का जोरदार 'झटका': ₹38,552 करोड़ की वसूली का आदेश, बढ़ सकते हैं दाम

By Uttar World Desk

22 अप्र, 2026 | 01:34 बजे
दिल्ली में बिजली का जोरदार 'झटका': ₹38,552 करोड़ की वसूली का आदेश, बढ़ सकते हैं दाम

दिल्ली के निवासियों को जल्द ही बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि वह अगले तीन हफ्तों के भीतर ₹38,552 करोड़ की संचित 'नियामक परिसंपत्तियों' (Regulatory Assets) की वसूली की प्रक्रिया शुरू करे।

न्यायाधिकरण का यह आदेश दिल्ली की तीनों प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों—BSES राजधानी (BRPL), BSES यमुना (BYPL) और टाटा पावर (TPDDL) के लंबित बकाये को लेकर आया है।

आदेश की मुख्य बातें:

  • वसूली की समय-सीमा: APTEL ने DERC की उस मांग को ठुकरा दिया जिसमें जुलाई 2026 तक का समय मांगा गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि 20 अप्रैल 2026 से 3 सप्ताह के भीतर वसूली की प्रक्रिया (लििक्विडेशन) शुरू की जाए।

  • 7 साल का रिकवरी प्लान: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह भारी भरकम राशि उपभोक्ताओं से अगले 7 वर्षों (31 मार्च 2031 तक) में किश्तों में वसूली जाएगी।

  • ऑडिट पर निर्देश: न्यायाधिकरण ने दिल्ली सरकार की CAG (कैग) ऑडिट की मांग को भी खारिज कर दिया। इसके बजाय, एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म से तीन महीने के भीतर गहन ऑडिट कराने का निर्देश दिया है।

  • बकाये का विवरण: कुल ₹38,552 करोड़ में से BRPL का ₹19,174 करोड़, BYPL का ₹12,333 करोड़ और टाटा पावर का ₹7,046 करोड़ बकाया है।

उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?

बिजली कंपनियों का कहना है कि पिछले एक दशक से दिल्ली में बिजली दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जबकि बिजली खरीदने और वितरण की लागत लगातार बढ़ती रही है। अब इस बकाये की वसूली के लिए बिलों में 'नियामक परिसंपत्ति अधिभार' (Regulatory Asset Surcharge) बढ़ाया जा सकता है, जिससे हर महीने आने वाले बिजली बिलों में काफी वृद्धि होने की संभावना है।

हालांकि, दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने पहले आश्वासन दिया था कि वे जनता पर इस बोझ को नहीं पड़ने देंगे, लेकिन न्यायाधिकरण के इस ताजा और सख्त आदेश के बाद सरकार के लिए सब्सिडी के जरिए इसे संभालना एक बड़ी चुनौती होगी।

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