कानपुर: उपभोक्ता फोरम ने एक महत्वपूर्ण फैसले में इंश्योरेंस कंपनी की मनमानी पर लगाम लगाई है। कार में आग लगने के बावजूद क्लेम न देने वाली कंपनी को फोरम ने न सिर्फ पूरी राशि चुकाने का आदेश दिया है, बल्कि लापरवाही के लिए जुर्माना और ब्याज भी लगाया है।
क्या था पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, कानपुर के एक उपभोक्ता की कार में अचानक आग लग गई थी, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उपभोक्ता ने जब इंश्योरेंस कंपनी के पास क्लेम फाइल किया, तो कंपनी ने सर्वेयर की रिपोर्ट और तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए क्लेम देने से मना कर दिया। थक-हारकर उपभोक्ता ने 'उपभोक्ता फोरम' का दरवाजा खटखटाया।
फोरम ने सुनाई खरी-खोटी: मामले की सुनवाई के दौरान फोरम ने पाया कि इंश्योरेंस कंपनी ने बेवजह क्लेम को लटकाया और खारिज किया। फोरम ने आदेश दिया कि कंपनी उपभोक्ता को कार की क्लेम राशि दे, साथ ही उस राशि पर 7 प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान भी करे। इसके अलावा, मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय (कानूनी खर्च) के रूप में भी मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश: यह फैसला उन सभी वाहन स्वामियों के लिए एक मिसाल है जो इंश्योरेंस कंपनियों के चक्कर काटकर परेशान हो जाते हैं। फोरम ने साफ़ किया कि कंपनियां वाजिब क्लेम को तकनीकी आधार पर खारिज नहीं कर सकतीं।