सीतापुर में कोतवाली नगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो बेहद आधुनिक और चालाकी भरे तरीके से लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहा था। पुलिस ने 'मैजिक पेन' और लाइटर की मदद से चेक में हेराफेरी कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चेक पर लिखी मूल राशि को मिटाकर उसे बड़ी रकम में बदल देता था और बैंक से पैसे निकाल लेता था।
एएसपी उत्तरी आलोक सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर कपूर कुमार के कुशल नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बहुगुणा चौराहा-वैदेही वाटिका रोड के पास से पीयूष शुक्ला, अशोक रतन और अमर सिंह को घेराबंदी कर दबोच लिया। इनके पास से पुलिस ने ठगी के सामान की एक लंबी सूची बरामद की है, जिसमें कूट रचित आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों के चेक, लोन आवेदन पत्र, ठगी में प्रयुक्त केमिकल युक्त 'मैजिक पेन', लाइटर, मोबाइल फोन, 5 हजार रुपये नकद और एक स्विफ्ट डिजायर कार शामिल है।
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे खुद को नामी फाइनेंस कंपनियों के एजेंट के रूप में पेश करते थे और छोटे-बड़े व्यापारियों को कम ब्याज पर बिजनेस लोन दिलाने का लालच देते थे। जब व्यापारी उन पर भरोसा कर लेते थे, तो वे लोन प्रक्रिया के नाम पर उनसे साइन किए हुए चेक मांगते थे। गिरोह के सदस्य पहले पीड़ितों से चेक पर जानबूझकर कम रकम लिखवाते थे, लेकिन बाद में केमिकल पेन और लाइटर की गर्मी का उपयोग कर उस लिखावट को मिटा देते और वहां अपनी मर्जी से लाखों की रकम भरकर बैंक से भुगतान प्राप्त कर लेते थे।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहे थे। फिलहाल, कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। इस सफलता के बाद पुलिस ने आम जनता और व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवायजरी भी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी सूरत में अनजान व्यक्ति को अपने हस्ताक्षरित चेक या निजी दस्तावेज न सौंपें और बैंक से जुड़े लेनदेन या चेक भरते समय हमेशा अपने स्वयं के पेन का ही उपयोग करें ताकि इस प्रकार की जालसाजी का शिकार होने से बचा जा सके।