फ़िरोज़ाबाद। सुहाग नगरी फ़िरोज़ाबाद के प्रशासनिक गलियारों में उस समय तनाव फैल गया जब एक मौजूदा तहसीलदार ने एक आईएएस (IAS) अधिकारी और कई राजस्व कर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तहसीलदार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि उन पर कुछ गलत राजस्व कार्यों को करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। शिकायती पत्र में कुछ आईएएस अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास फाइलों को निपटाने का प्रयास किया गया, जिसका विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
तहसीलदार द्वारा लिखा गया यह शिकायती पत्र जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला लखनऊ तक पहुँच गया। विपक्षी दलों और स्थानीय संगठनों ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर जांच निष्पक्ष होती है, तो भ्रष्टाचार के कई बड़े मामले सामने आ सकते हैं।
वहीं, दूसरी ओर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा। फिलहाल, किसी भी अधिकारी की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन दबी जुबान में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है।