मेरठ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और धार्मिक नगरी प्रयागराज को पश्चिमी यूपी से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी 'गंगा एक्सप्रेसवे' का काम अंतिम चरण में है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी जो अभी 11-12 घंटे में तय होती है, वह घटकर महज 6 से 7 घंटे रह जाएगी। सरकार ने अब इस सफर के लिए टोल टैक्स की दरों को लेकर भी खाका तैयार कर लिया है।
594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगा। मेरठ के बिजौली गांव के पास से इसका प्रवेश द्वार बनाया गया है, जिससे पूरे मेरठ मंडल के व्यापारियों और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर टोल की दरें वाहन की श्रेणी (कार, बस, ट्रक) के आधार पर तय की गई हैं। पूरे रूट पर करीब 15 से अधिक बड़े पुल और कई फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए रास्ते में कई जगहों पर वे-साइड एमेनिटीज (खान-पान और विश्राम स्थल) भी विकसित किए जा रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे न केवल सफर को छोटा करेगा, बल्कि इसके किनारे औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) भी बनाए जा रहे हैं। इससे मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और माल ढुलाई की लागत में भी कमी आएगी।