गुरूवार, 14 मई 2026
लखनऊ

उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर भारी बारिश और तूफान से 100 लोगों की मौत

By Uttar World Desk

14 मई, 2026 | 06:36 बजे
उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर भारी बारिश और तूफान से 100 लोगों की मौत

लखनऊ :  उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आए भीषण तूफान और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में गिरी बिजली, ढहे मकानों और पेड़ों के गिरने से अब तक करीब 100 लोगों के मारे जाने की दुखद खबर है। सबसे अधिक तबाही प्रयागराज (इलाहाबाद) जिले में देखने को मिली है, जहाँ प्राकृतिक आपदा के कारण 21 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। मुख्यमंत्री ने इस आपदा पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रयागराज में सबसे ज्यादा तबाही : प्रयागराज और उसके आसपास के इलाकों में तूफान की तीव्रता सबसे अधिक थी। जिले के विभिन्न गांवों और शहरी इलाकों में आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) गिरने और कच्चे मकानों की दीवारें ढहने से सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। घायलों की संख्या भी दर्जनों में बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिला प्रशासन ने बचाव कार्य तेज कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

पूरे प्रदेश में बिगड़े हालात : प्रयागराज के अलावा कौशाम्बी, प्रतापगढ़ और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में भी तूफान का असर देखने को मिला। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे घंटों से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हुआ है और ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजे का ऐलान : राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आपदा से हुए नुकसान का आकलन करें और बेघर हुए लोगों के लिए ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कृषि विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार करें ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।

निष्कर्ष : उत्तर प्रदेश में आई यह आपदा हाल के वर्षों की सबसे भीषण घटनाओं में से एक मानी जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को चेतावनी जारी की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय न लें। आने वाले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए प्रशासनिक और मानवीय दृष्टिकोण से बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।

Uttar World News on Facebook

खबरों की पल-पल की अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को अभी लाइक करें।

अभी Like करें