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बांग्लादेश में जहरीले रसायन के संपर्क में आने से 40 से अधिक छात्र बीमार

By Uttar World Desk

13 मई, 2026 | 07:59 बजे
बांग्लादेश में जहरीले रसायन के संपर्क में आने से 40 से अधिक छात्र बीमार

पाबना (बांग्लादेश) : पाबना जिले के बेरा उपजिला में स्थित काजीहाट हाई स्कूल में पिछले दो दिनों के भीतर एक रहस्यमयी घटना घटी है। स्कूल के करीब 41 छात्र संदिग्ध जहरीले रसायन या नशीले पदार्थ के संपर्क में आने के बाद अचानक बेहोश हो गए। सोमवार सुबह कक्षा 6 और 7 के करीब 35 छात्र स्कूल की दूसरी मंजिल पर पढ़ाई के दौरान अचानक अचेत होकर गिर पड़े। इससे पहले रविवार को भी इसी तरह की घटना में छह छात्र बेहोश हुए थे।

क्लासरूम में फैली तेज गंध से मचा हड़कंप

स्कूल प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिन कमरों में छात्र बेहोश हुए, वहां से एक अजीब और तेज गंध आ रही थी। इसके बाद से ही यह आशंका जताई जा रही है कि किसी ने क्लासरूम में किसी जहरीले या नशीले स्प्रे का इस्तेमाल किया है। छात्रों के अचानक गिरने के बाद पूरे स्कूल में चीख-पुकार मच गई और अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल की ओर दौड़ पड़े। बीमार छात्रों में अधिकांश छात्राएं शामिल हैं, जिनमें मैमुना खातून, सुमी, ज़रीन इस्लाम और मारिया जैसे नाम प्रमुख हैं।

प्रशासन और चिकित्सा टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही बेरा उपजिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तहमीना सुल्ताना नीला अपनी टीम के साथ स्कूल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक रूप से यह मामला भीषण गर्मी या फूड पॉइजनिंग का लग रहा था, लेकिन क्लासरूम में फैली गंध ने केमिकल के इस्तेमाल के संदेह को बढ़ा दिया है। सभी प्रभावित छात्रों को स्थानीय अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। बेरा उपजिला निर्वाही अधिकारी (यूएनओ) मोहम्मद मोरशेदुल इस्लाम ने स्कूल अधिकारियों को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं।

अभिभावकों में नाराजगी और सुरक्षा पर सवाल

अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि जब रविवार को छह छात्र बेहोश हुए थे, तभी स्कूल को एहतियाती कदम उठाने चाहिए थे। कुछ अभिभावकों का यह भी कहना है कि स्कूल का वातावरण असुरक्षित है और शरारती तत्व आसानी से परिसर में दाखिल हो सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने क्लासरूम में सेडेटिव स्प्रे (बेहोश करने वाला स्प्रे) का इस्तेमाल किया हो सकता है।

निष्कर्ष

स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक मोहम्मद फरहाद हुसैन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। यदि किसी की लापरवाही या साजिश सामने आती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।

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