अयोध्या : जिले को एक 'मॉडल सोलर सिटी' और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने के प्रयासों के तहत, नगर निगम जल्द ही 7 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने जा रहा है। ये बसें शहर के प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगी, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को सुगम व सस्ता परिवहन मिल सकेगा। इसके साथ ही, नगर निगम प्रशासन ने मेयर के एस्कॉर्ट और आधिकारिक वाहनों के बेड़े को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण बदलावों पर चर्चा की है।
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। नई 7 ई-बसों के आने से शहर के उन रूटों पर राहत मिलेगी जहाँ अभी परिवहन के सीमित साधन हैं। ये बसें पूरी तरह वातानुकूलित (AC) होंगी और इनमें सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे व पैनिक बटन जैसे फीचर्स भी दिए जाएंगे।
नगर निगम की हालिया बैठक में मेयर के एस्कॉर्ट वाहन और अन्य प्रशासनिक गाड़ियों के उपयोग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया है। शासन की मंशानुसार, फिजूलखर्ची रोकने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारियों के बेड़े की समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी वाहनों का उपयोग पूरी तरह से जनहित के कार्यों और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के तहत ही हो।
अयोध्या नगर निगम का लक्ष्य शहर में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले सार्वजनिक वाहनों की निर्भरता को धीरे-धीरे कम करना है। ई-बसों के बेड़े में विस्तार इसी कड़ी का एक हिस्सा है। नगर आयुक्त ने बताया कि इन बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल्द ही मेयर और प्रशासनिक अधिकारी इन नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।