बहराइच : उत्तर प्रदेश के कृषि एवं कृषि अनुसंधान मंत्री तथा बहराइच जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कैसरगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत मरीजों के लिए 'ऑनलाइन पर्चा' बनाने की सुविधा का औपचारिक शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था से अब मरीजों को पंजीकरण के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा प्रदान करने में बहराइच जनपद पूरे प्रदेश में पांचवें स्थान पर है।
हीटवेव रूम और एंटीवेनम की उपलब्धता के निर्देश
बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रभारी मंत्री ने अस्पताल के 'हीटवेव रूम' का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमओ को सख्त निर्देश दिए कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर हीटवेव वार्ड पूरी तरह सक्रिय रहने चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन वार्डों में सभी आवश्यक उपकरणों और औषधियों के साथ-साथ एंटीवेनम (सर्पदंश की दवा) और एंटीरेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने पात्र व्यक्तियों के 'गोल्डन कार्ड' बनाने में तेजी लाने को कहा ताकि गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सके।
ओपीडी और मैटरनिटी विंग का जायजा
निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉ. वी.के. सिंह, डॉ. मुकेश कुमार और डॉ. मसूद समेत सभी विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद मिले। अधीक्षक डॉ. नरेन्द्र सिंह ने बताया कि यहाँ प्रतिदिन 400 से 500 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके बाद मंत्री ने 50 बेड वाले मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने 'न्यू बॉर्न केयर यूनिट' और अल्ट्रासाउंड कक्ष की व्यवस्थाएं देखीं। डॉ. सोनी आहूजा ने बताया कि रोजाना 10 से 15 गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने ब्लड स्टोरेज यूनिट और महिला वार्ड में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता और उप जिलाधिकारी कैसरगंज अखिलेश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशानुरूप आने वाले हर मरीज और तीमारदार को अनुमन्य सुविधाएं सम्मानजनक तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।