डेरा इस्माइल खान (उत्तर वर्ल्ड ब्यूरो) : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार को एक बार फिर आतंकवाद ने सिर उठाया है। लकी मरवत जिले के सराय नौरंग कस्बे के एक व्यस्त बाजार में हुए जबरदस्त धमाके में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, विस्फोटकों को एक रिक्शे में छिपाकर रखा गया था, जिसे बाजार के बीचों-बीच उड़ा दिया गया। मरने वालों में दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी और एक महिला भी शामिल है। यह हमला उस समय हुआ जब बाजार में लोगों की भारी भीड़ जमा थी।
रिक्शे में छिपाकर रखा गया था बम
शुरुआती जांच के अनुसार, आतंकियों ने हमले के लिए एक नए तरीके का इस्तेमाल किया। उन्होंने एक तिपहिया रिक्शे का उपयोग करके उसे चलते-फिरते बम में बदल दिया था। जैसे ही रिक्शा सराय नौरंग के मुख्य चौराहे के पास पहुंचा, उसमें जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और वहां खड़ी कई गाड़ियां लोहे के ढेर में तब्दील हो गईं। पुलिस अधिकारी आज़मत उल्लाह के अनुसार, इस हमले का मुख्य निशाना वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी थे।
अस्पतालों में आपातकाल और घायलों की स्थिति
धमाके के बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग घायलों को अपनी गाड़ियों में लेकर नजदीकी अस्पतालों की ओर भागे। रेस्क्यू 1122 की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बन्नू के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है, जहाँ कई लोगों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरने वालों में शामिल दो पुलिसकर्मियों की पहचान आदिल जान और राहतुल्लाह के रूप में हुई है।
सीमा पार तनाव और बढ़ती हिंसा
यह हमला बन्नू जिले में एक पुलिस चौकी पर हुए आत्मघाती हमले के ठीक तीन दिन बाद हुआ है, जिसमें 15 पुलिसकर्मी मारे गए थे। पाकिस्तान सरकार ने इन बढ़ते हमलों के लिए अफगानिस्तान में छिपे आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। सोमवार को ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अफगान राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। पाकिस्तान का आरोप है कि 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) जैसे संगठन अफगान धरती का इस्तेमाल करके पाकिस्तान में अस्थिरता फैला रहे हैं।
प्रधानमंत्री का बयान और जांच के आदेश
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे बुजदिली भरा काम बताया है। उन्होंने कहा कि देश से आतंकवाद के खात्मे के लिए सुरक्षा बल पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और घायलों को मुफ्त और बेहतरीन इलाज देने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई टीटीपी की ओर ही जा रही है।