गुरूवार, 14 मई 2026
अंतर्राष्ट्रीय

रूस ने किया दुनिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइल सरमत का सफल परीक्षण

By Uttar World Desk

13 मई, 2026 | 05:50 बजे
रूस ने किया दुनिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइल सरमत का सफल परीक्षण

मास्को (उत्तर वर्ल्ड ब्यूरो) : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया के सामने अपनी सैन्य शक्ति का ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मचा दी है। रूस ने अपनी सबसे घातक इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल सरमत का सफल परीक्षण पूरा कर लिया है। राष्ट्रपति पुतिन ने इस मिसाइल को दुनिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइल घोषित करते हुए कहा कि यह तकनीक के मामले में दुनिया के किसी भी देश से दशकों आगे है। इस परीक्षण के साथ ही रूस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी परमाणु हमले की क्षमता अब पहले से कहीं अधिक सटीक और विनाशकारी हो चुकी है।

दुश्मनों के लिए पुतिन की कड़ी चेतावनी

मिसाइल परीक्षण के तुरंत बाद क्रेमलिन से जारी एक संबोधन में पुतिन ने कड़े लहजे में बात की। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल उन लोगों को दो बार सोचने पर मजबूर कर देगी जो रूस को धमकाने की कोशिश करते हैं। पुतिन का इशारा साफ तौर पर पश्चिमी देशों और नाटो की तरफ था। पुतिन ने जोर देकर कहा कि इस मिसाइल के निर्माण में केवल रूसी कलपुर्जों और स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूस की रक्षा प्रणाली न केवल आत्मनिर्भर है बल्कि दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखती है।

सैटन 2 की मारक क्षमता और तकनीकी विशेषता

पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञ इस मिसाइल को सैटन 2 यानी शैतान का दूसरा संस्करण कहते हैं। इसके पीछे का कारण इसकी अविश्वसनीय मारक क्षमता है। सरमत मिसाइल का वजन लगभग 200 टन है और यह 18,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक हमला कर सकती है। इसका मतलब यह है कि रूस अपने क्षेत्र में बैठकर दुनिया के किसी भी महाद्वीप के किसी भी कोने को निशाना बना सकता है।

इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी गति और पैंतरेबाज़ी है। यह मिसाइल हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरती है जिससे दुनिया का कोई भी रडार या मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे समय रहते पकड़ नहीं सकता। यह एक साथ 10 से 15 परमाणु वारहेड्स ले जाने में सक्षम है। ये वारहेड्स हवा में अलग होकर अलग-अलग शहरों को एक साथ निशाना बना सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि एक अकेली सरमत मिसाइल पूरे फ्रांस या टेक्सास जैसे बड़े क्षेत्र को पूरी तरह तबाह करने की ताकत रखती है।

वैश्विक शक्ति संतुलन पर प्रभाव

यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है। दुनिया भर के रणनीतिकार इस परीक्षण को पुतिन के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं। पुतिन ने कहा कि सरमत मिसाइल इस साल के अंत तक रूसी सेना के परमाणु बेड़े में शामिल हो जाएगी। यह सोवियत दौर की पुरानी वोयेवोडा मिसाइलों की जगह लेगी।

अमेरिका और यूरोप के लिए यह परीक्षण एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरमत के आने से अब पारंपरिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगभग बेकार साबित होंगे। रूस ने केवल जमीन से मार करने वाली मिसाइल ही नहीं बल्कि पोसीडॉन अंडरवाटर ड्रोन और ब्यूरेवेस्टनिक क्रूज मिसाइल जैसे हथियारों के भी अंतिम चरण के परीक्षण की घोषणा की है। पुतिन के अनुसार ये हथियार रूस को आने वाले कई दशकों तक सुरक्षित रखेंगे और किसी भी बाहरी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

निष्कर्ष : रूस का यह कदम केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश भी है कि रूस को वैश्विक व्यवस्था से अलग-थलग करना असंभव है। पुतिन ने अपनी इस मिसाइल के जरिए यह साबित कर दिया है कि सैन्य आधुनिकीकरण के मामले में रूस आज भी एक महाशक्ति है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पश्चिमी देश इस नई चुनौती का सामना करने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं।

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