गुरूवार, 23 अप्रैल 2026
international
अंतर्राष्ट्रीय

रूस का जर्मनी को बड़ा झटका: द्रुझबा पाइपलाइन से तेल की आपूर्ति रोकने का किया ऐलान

By Uttar World Desk

22 अप्र, 2026 | 09:40 बजे
रूस का जर्मनी को बड़ा झटका: द्रुझबा पाइपलाइन से तेल की आपूर्ति रोकने का किया ऐलान

उत्तर वर्ल्ड न्यूज डेस्क (22 अप्रैल, 2026): रूस और पश्चिमी देशों के बीच जारी तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। रूस ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह 'द्रुझबा' (Druzhba) पाइपलाइन के माध्यम से जर्मनी को होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति को पूरी तरह से बंद कर देगा। यह पाइपलाइन सोवियत काल की है और यूरोप के लिए ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत रही है।

रूस ने इस कदम के पीछे तकनीकी और भुगतान संबंधी विवादों का हवाला दिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इसे यूक्रेन युद्ध और ईरान संकट के बीच पश्चिमी प्रतिबंधों के जवाब में एक 'ऊर्जा युद्ध' (Energy War) के रूप में देख रहे हैं। रूस ने स्पष्ट किया है कि जो देश उसके तेल पर 'प्राइस कैप' (मूल्य सीमा) लगाने या उसके खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें ऊर्जा आपूर्ति जारी रखना संभव नहीं है। रूसी ऊर्जा अधिकारियों का दावा है कि जर्मनी के साथ भुगतान की शर्तों और रखरखाव के कार्यों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।

जर्मनी की अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है आपूर्ति रुकने की खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी आने की संभावना है। जर्मनी की कई बड़ी रिफाइनरियां सीधे द्रुझबा पाइपलाइन पर निर्भर हैं। अब उन्हें कजाकिस्तान या समुद्री मार्ग से वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था करनी होगी, जो काफी महंगी साबित हो सकती है। ऊर्जा की लागत बढ़ने से जर्मनी में औद्योगिक उत्पादन महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

रूस के इस फैसले ने यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है। जहाँ जर्मनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी रूसी गैस पर निर्भरता कम की है, वहीं तेल की आपूर्ति का अचानक बंद होना उसकी औद्योगिक गति को धीमा कर सकता है। वैश्विक बाजार अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि क्या जर्मनी इस कमी को अन्य स्रोतों से पूरा कर पाएगा या उसे अपनी ऊर्जा नीति में कोई बड़ा बदलाव करना होगा।

Uttar World से जुड़ें

Like Page