कानपुर : जिले में एक शादी समारोह उस वक्त हंगामे में बदल गया जब दुल्हन ने दूल्हे के पहनावे और गहनों में खोट पाकर विवाह करने से साफ मना कर दिया। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ सजी-धजी दुल्हन ने मंडप छोड़ दिया और बरात को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, कानपुर के एक गांव में धूमधाम से बरात आई थी। द्वारपूजा और स्वागत की रस्में हंसी-खुशी संपन्न हुईं। विवाद तब शुरू हुआ जब जयमाला के बाद चढ़ावे की रस्म और मंडप की तैयारी चल रही थी।
दुल्हन पक्ष की महिलाओं ने गौर किया कि दूल्हे ने जो शेरवानी पहनी थी और उसके साथ जो गहने (हार और कलगी) पहने थे, वे बेहद कम गुणवत्ता वाले और नकली लग रहे थे।
जब यह बात दुल्हन तक पहुँची और उसने खुद गहनों की जांच की, तो उसे अहसास हुआ कि दूल्हा पक्ष ने दिखावे के लिए नकली आभूषणों का इस्तेमाल किया है। दुल्हन ने इसे 'धोखाधड़ी' करार देते हुए तुरंत शादी रोकने का फैसला किया।
दुल्हन के इनकार के बाद दोनों पक्षों के बीच घंटों तक पंचायत चली। दूल्हा पक्ष का तर्क था कि ये गहने केवल शेरवानी की शोभा बढ़ाने के लिए थे, लेकिन दुल्हन इस बात पर अड़ गई कि जो लोग शादी की शुरुआत ही दिखावे और झूठ से कर रहे हैं, उनके साथ भविष्य सुरक्षित नहीं है।
लड़की पक्ष ने दूल्हे और उसके परिवार को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अंततः, दुल्हन ने फेरे लेने से मना कर दिया और दूल्हे को बिना दुल्हन के ही बरात वापस ले जानी पड़ी।
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुँची। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शादी की तैयारियों में हुए खर्च के नुकसान का आरोप लगाया। बाद में आपसी सहमति और लेन-देन के हिसाब-किताब के बाद मामला शांत हुआ।
कानपुर की यह घटना अब सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। लोग दुल्हन के इस साहसी फैसले की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे छोटी बात पर रिश्ता टूटना मान रहे हैं। हालांकि, उत्तर वर्ल्ड न्यूज इस घटना को एक सबक के रूप में देखता है कि शादियों में पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण है।