न्यूयॉर्क/सैन फ्रांसिस्को (25 अप्रैल, 2026): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया के बेताज बादशाह Nvidia ने इतिहास रच दिया है। कंपनी की मार्केट वैल्यू (Market Cap) $5 ट्रिलियन (लगभग ₹415 लाख करोड़) के पार पहुंच गई है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह दुनिया की पहली सार्वजनिक कंपनी बन गई है। दिलचस्प बात यह है कि Nvidia को $4 ट्रिलियन से $5 ट्रिलियन तक पहुँचने में मात्र 4 महीने से भी कम का समय लगा, जो AI की बढ़ती दीवानगी और मांग को दर्शाता है।
ChatGPT जैसे टूल्स को चलाने वाले AI चिप्स की कमी है। Nvidia के Blackwell और B300 चिप्स की मांग इतनी ज़्यादा है कि क्लाउड कंपनियां और सरकारें इन्हें खरीदने के लिए लाइन में खड़ी हैं। हाल ही में कंपनी को अमेरिकी सरकार के लिए सात नए सुपर कंप्यूटर बनाने का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। Nvidia ने Uber के साथ 1,00,000 रोबोटैक्सिस बनाने और Nokia के साथ 6G टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए अरबों डॉलर की पार्टनरशिप की है। कंपनी का राजस्व (Revenue) $215.9 बिलियन को पार कर गया है, जबकि मुनाफा $120 बिलियन से अधिक है—जो इंडस्ट्री में सबसे ज़्यादा है।
Nvidia की इस सफलता ने पूरे चिप मार्केट (Semiconductor Sector) में जान फूंक दी है:
Intel: जैसा कि हमने पहले देखा, इंटेल के शेयरों में 23% का उछाल आया, जो 1987 के बाद सबसे बड़ी बढ़त है।
AMD: प्रतिस्पर्धी कंपनी AMD के शेयरों में भी 13% की मजबूती देखी गई है।
TSMC और Arm: ताइवान की चिप कंपनी TSMC और डिजाइनिंग फर्म Arm को भी AI लहर का पूरा फायदा मिल रहा है।
जहाँ एक तरफ जश्न का माहौल है, वहीं बैंक ऑफ इंग्लैंड और आईएमएफ (IMF) जैसे संगठनों ने चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि AI कंपनियों की वैल्यू बहुत ज़्यादा बढ़ गई है, जो डॉट-कॉम बबल (Dot-com bubble) की याद दिलाती है। अगर कंपनियां AI से कमाई नहीं कर पाईं, तो यह गिरावट का कारण बन सकती है।
उत्तर वर्ल्ड एनालिसिस: Nvidia अब सिर्फ एक गेमिंग चिप कंपनी नहीं रही, बल्कि वैश्विक AI अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गई है। इसकी वैल्यू अब भारत, जापान और ब्रिटेन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की जीडीपी (GDP) से भी अधिक हो गई है।