अलीगढ़-मेरठ : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बुधवार तड़के एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश हिलाल की हत्या के मुख्य आरोपी जुबैर को एनकाउंटर में मार गिराया। एक लाख रुपये के इनामी अपराधी जुबैर और एसटीएफ के बीच मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र में जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें जुबैर को दो गोलियां लगीं और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
मुठभेड़ की इनसाइड स्टोरी : एसटीएफ की मेरठ यूनिट को सूचना मिली थी कि जुबैर अपने एक साथी के साथ मेरठ में किसी व्यापारी की हत्या करने के इरादे से आया है और अलीपुर रोड स्थित एक बंद फैक्ट्री में छिपा हुआ है। सुबह करीब 4 बजे जब एसटीएफ ने उसे घेरा, तो जुबैर ने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से करीब 36 राउंड गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा।
शिक्षक की हत्या का कारण: पुरानी रंजिश और मुखबिरी का शक : पुलिस जांच में सामने आया कि 24 दिसंबर 2025 की रात को एएमयू परिसर में राव दानिश की हत्या केवल रंजिश के चलते की गई थी। दरअसल, साल 2018 में जुबैर ने एक छात्र शाहवेज की हत्या की थी, जिसमें उसे 7 साल की सजा हुई थी। जुबैर को शक था कि दानिश ने उस मामले में पुलिस की मुखबिरी की थी। इसी का बदला लेने के लिए जेल से बाहर आने के बाद जुबैर ने अपने भाइयों के साथ मिलकर दानिश को 5 गोलियां मारी थीं।
अपराधिक इतिहास और मुनीर गैंग से संबंध : जुबैर कुख्यात 'मुनीर गैंग' का सक्रिय सदस्य था, जिसका सरगना मुनीर एनआईए अधिकारी तंजील अहमद की हत्या में शामिल रहा था। जुबैर के खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली के विभिन्न थानों में हत्या, लूट और रंगदारी के 43 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। वह पिछले काफी समय से दिल्ली के शाहीन बाग में छिपकर रह रहा था और वहीं से अपना गैंग चला रहा था।
बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई : एनकाउंटर स्थल से पुलिस ने .32 बोर की दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। एसटीएफ अब फरार हुए उसके साथी की तलाश में जुटी है। अलीगढ़ और मेरठ पुलिस इस मुठभेड़ को 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत एक बड़ी सफलता मान रही है, जिससे एएमयू कैंपस और व्यापारियों के बीच फैले डर में कमी आएगी।