गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित कमला नेहरू नगर में 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ (NDRF) के परिसर में गुरुवार को एक ऐतिहासिक 'राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह' आयोजित किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीआरएफ की 8वीं वाहिनी को 'राष्ट्रपति निशान' (President's Colour) प्रदान किया। यह किसी भी सैन्य या अर्धसैनिक बल के लिए मिलने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो उनकी वीरता, समर्पण और पिछले दो दशकों की निस्वार्थ सेवा को मान्यता प्रदान करता है।
1.5 लाख लोगों की जान बचाकर जीता भरोसा
समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ ने अपने गठन के महज 20 वर्षों के भीतर देश के 140 करोड़ नागरिकों का अटूट विश्वास हासिल किया है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में इस बल ने अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और करीब 9 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। गृह मंत्री ने कहा कि आज जब भी कोई आपदा आती है और एनडीआरएफ की वर्दी में जवान पहुँचते हैं, तो लोगों के मन में यह विश्वास जाग उठता है कि वे अब सुरक्षित हैं।
भारत बना आपदा प्रबंधन में ग्लोबल लीडर
अमित शाह ने बल की प्रशंसा करते हुए कहा कि एनडीआरएफ और एनडीएमए (NDMA) ने मिलकर भारत को आपदा राहत के वैश्विक मानचित्र पर एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित किया है। भारत अब केवल अपनी आपदाओं से ही नहीं निपट रहा, बल्कि 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना के साथ विदेशों में भी संकट के समय 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने तुर्किये में आए भूकंप के दौरान एनडीआरएफ द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन दोस्त' का भी विशेष उल्लेख किया।
शून्य जनहानि (Zero Casualty) का लक्ष्य
गृह मंत्री ने आपदा प्रबंधन की नई दिशा की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार अब 'रिएक्टिव' से 'प्रिवेंटिव' मॉडल की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य लू (Heatwave) और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को शून्य (Zero) पर लाना है। समारोह के दौरान अमित शाह ने भव्य निशान परेड का निरीक्षण किया और जवानों की सलामी ली। इस अवसर पर एनडीआरएफ के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।