कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र स्थित चकरपुर फल एवं सब्जी मंडी में गुरुवार दोपहर भीषण आग लग गई। चबूतरा नंबर-6 से शुरू हुई इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 44 आढ़तों (दुकानों) को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि वे 40 से 50 फीट की ऊंचाई तक उठती देखी गईं, जिससे पूरी मंडी में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में करोड़ों रुपये के फल, सब्जियां और बारदाना जलकर खाक हो गया है।
सिलेंडर फटने से और भड़की आग : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग दोपहर करीब 11:45 बजे मुन्ना ब्रदर्स और लाल बच्चा एंड संस की आढ़त के पास से शुरू हुई। मंडी में मौजूद भारी मात्रा में प्लास्टिक की क्रेट्स और लकड़ी के बॉक्स ने आग में घी का काम किया। इसी बीच दुकानों में रखे करीब 10 छोटे गैस सिलेंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फट गए, जिससे आग और भी भयावह हो गई। आढ़तियों ने अपनी जान बचाने के लिए भागकर खुद को सुरक्षित किया, हालांकि कुछ लोग सामान बचाने की कोशिश में मामूली रूप से झुलस गए।
दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया काबू : सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया। व्यापारियों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सूचना देने के काफी देर बाद पहुंचीं, जिसके कारण नुकसान बढ़ गया। हालांकि, दमकल अधिकारियों का कहना है कि संकरी गलियों और भीड़ के बावजूद उन्होंने न्यूनतम समय में पहुँचकर आग को और फैलने से रोका।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू : शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। मंडी सचिव और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। पीड़ित व्यापारियों ने सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है, क्योंकि इस अग्निकांड ने उनकी साल भर की जमा-पूंजी और कारोबार को तबाह कर दिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि आग लगने के सही कारणों की पुष्टि हो सके।