बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत अमली कौर गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक दंपत्ति ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद घर में कोहराम मच गया और माता-पिता के शवों के पास उनके मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रविवार, 3 मई 2026 को हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और पुलिस अब इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतक दंपत्ति के बीच पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, जिसे आत्महत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। ग्रामीणों ने जब घर से बच्चों के रोने की चीखें सुनीं, तो वे मौके पर पहुंचे और अंदर का नजारा देख दंग रह गए। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब पुलिस और ग्रामीण घर के अंदर दाखिल हुए, जहां मासूम बच्चे अपने माता-पिता के बेजान शरीर से लिपटकर उन्हें जगाने की कोशिश कर रहे थे। इन बच्चों के भविष्य को लेकर अब सगे-संबंधियों और ग्रामीणों में गहरी चिंता देखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह आत्महत्या ही है या इसके पीछे कोई और साजिश। मृतकों के परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके निजी जीवन और हालिया व्यवहार के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।
बांदा की इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर समाज का ध्यान खींचा है। विशेषज्ञ अपील कर रहे हैं कि किसी भी परेशानी या विवाद की स्थिति में चरम कदम उठाने के बजाय अपनों से बात करें या पेशेवर मदद लें। फिलहाल, पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई उन अनाथ हुए बच्चों की स्थिति देखकर गमगीन है।