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बिजनौर

बिजनौर जेल में बंदी की संदिग्ध मौत पर मचा भारी बवाल परिजनों का पुलिस के साथ तीखा संघर्ष और भारी तनाव

By Uttar World Desk

11 मई, 2026 | 08:03 बजे
बिजनौर जेल में बंदी की संदिग्ध मौत पर मचा भारी बवाल परिजनों का पुलिस के साथ तीखा संघर्ष और भारी तनाव

बिजनौर जिले से एक बेहद तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है जहाँ जिला जेल में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में भारी हिंसा और बवाल शुरू हो गया है। मृतक बंदी की पहचान दीपक के रूप में हुई है जिसकी मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे प्राकृतिक मौत के बजाय हत्या करार दिया है जिसके बाद जिला अस्पताल और शहर के मुख्य चौराहों पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन एक हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। पुलिस ने जब भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला जिसमें कई लोगों को मामूली चोटें आने की भी सूचना है। गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर इंसाफ की मांग की और जेल के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।

परिजनों का आरोप है कि दीपक को जेल के भीतर प्रताड़ित किया गया था और उसकी मौत की सूचना भी उन्हें काफी देरी से दी गई। उनका कहना है कि दीपक पूरी तरह स्वस्थ था और अचानक उसकी मौत होना जेल की सुरक्षा और व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर जेल प्रशासन और पुलिस का प्रारंभिक बयान यह है कि बंदी की तबीयत अचानक बिगड़ी थी जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि पुलिस की इस दलील से परिजन संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने से रोकने की कोशिश भी की। भारी बवाल को देखते हुए बिजनौर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है।

यह घटना उत्तर प्रदेश की जेलों में कैदियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा। जिला प्रशासन ने वीडियो ग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराने का निर्णय लिया है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। बिजनौर में इस वक्त बाजार और आसपास की दुकानें बंद कर दी गई हैं क्योंकि लोगों में पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश देखा जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो भी कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दीपक की मौत का यह मामला बिजनौर में एक बड़ी सियासी और सामाजिक चुनौती बन चुका है और पूरा शहर छावनी में तब्दील नजर आ रहा है। सभी की निगाहें अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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