गोंडा जिले के झंझरी इलाके में सड़क पर शोर मचाने वाले और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। एआरटीओ (ARTO) की टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर उन मोटरसाइकिल सवारों की घेराबंदी की जो अपनी गाड़ियों में मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण फैला रहे थे। विशेष रूप से बुलेट मोटरसािकलों द्वारा पटाखों जैसी आवाज निकालने की बढ़ती शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान दर्जनों वाहनों के चालान काटे गए और कई मोडिफाइड साइलेंसरों को मौके पर ही निकलवाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, झंझरी और उसके आसपास के क्षेत्रों में युवाओं द्वारा साइलेंसर के साथ छेड़छाड़ कर तेज आवाज पैदा करने का चलन काफी बढ़ गया था। इससे न केवल आम जनता और बुजुर्गों को परेशानी हो रही थी, बल्कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के पास भी शांति भंग हो रही थी। एआरटीओ प्रशासन के नेतृत्व में चली इस टीम ने प्रमुख चौराहों पर चेकिंग पॉइंट लगाए और जैसे ही कोई तेज आवाज वाली गाड़ी वहां से गुजरी, उसे तुरंत रोक लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि वाहनों में मूल साइलेंसर हटाकर अवैध रूप से ध्वनि बढ़ाने वाले यंत्र लगाना मोटर वाहन अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है और इसके लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है।
चेकिंग के दौरान कई वाहन चालक भागने की कोशिश करते भी दिखे, लेकिन पुलिस बल के साथ मुस्तैद परिवहन विभाग की टीम ने उन्हें दबोच लिया। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि आने वाले समय में भी जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी मैकेनिक द्वारा भी गाड़ियों में अवैध साइलेंसर लगाते हुए पाया गया, तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों को कंपनी द्वारा दिए गए मानकों के अनुसार ही चलाएं और सार्वजनिक शांति का सम्मान करें।
इस कार्रवाई से उन स्टंटबाजों और शोर मचाने वाले युवकों में हड़कंप मच गया है जो देर रात सड़कों पर अपनी बाइकों से पटाखे फोड़ते हुए निकलते थे। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है क्योंकि ध्वनि प्रदूषण के कारण विशेषकर हृदय रोगियों और बच्चों को काफी असुविधा होती थी। जब्त किए गए साइलेंसरों को नष्ट करने की योजना बनाई जा रही है ताकि उन्हें दोबारा इस्तेमाल न किया जा सके। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर अनुशासन और सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और किसी भी तरह की मोडिफिकेशन जिसे कानून की अनुमति नहीं है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, झंझरी क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद से साइलेंसर का शोर कुछ थमा हुआ नजर आ रहा है।