बिसवां (सीतापुर): तहसील क्षेत्र के ग्राम हसनापुर में भूमि विवाद का मामला एक बार फिर गरमा गया है। शिकायतकर्ता ने ग्राम प्रधान पर दबंगई और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए जबरन रास्ता निकालने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित इंगलेश शर्मा के अनुसार, जिस जमीन पर ग्राम प्रधान अंजनी श्रीवास्तव द्वारा रास्ता/खड़ंजा निर्माण का प्रयास किया जा रहा है, वह मामला पहले से ही न्यायालय में लंबित है। पीड़ित की माता द्वारा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बिसवां के न्यायालय में वाद संख्या 187/2021 दायर किया गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल 2026 को होनी तय है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम प्रधान कुछ लोगों के साथ मिलकर उनके आवासीय परिसर के पास से जबरन रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इससे उनके परिवार की सुरक्षा और आवास की स्थिति पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। मामला कोर्ट में होने के बाद भी पंचायत प्रस्ताव के जरिए निर्माण की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह अवैध है।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने पहले भी IGRS के माध्यम से कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन प्रशासन द्वारा किया गया निस्तारण संतोषजनक नहीं रहा। अधिकारियों द्वारा मामले को बार-बार टालने से विवाद सुलझने के बजाय और अधिक उलझता जा रहा है।
पीड़ित इंगलेश शर्मा ने उपजिलाधिकारी (SDM) से मुलाकात कर मांग की है कि पूर्व में किए गए गलत निस्तारण को निरस्त किया जाए। जबरन रास्ता निकालने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। न्यायालय की अवहेलना करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण यह फिलहाल कोर्ट का विषय है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन 29 अप्रैल की सुनवाई से पहले इस विवाद को शांत करा पाता है या नहीं।