बलरामपुर जिले में भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान टीम ने दो शातिर तस्करों को भारी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ धर दबोचा। पकड़े गए तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से की गई है।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर पुलिस और SSB की टीम सीमावर्ती इलाकों में नियमित गश्त और सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर दो संदिग्धों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से प्रतिबंधित नशीले पदार्थ बरामद हुए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक आंकी जा रही है। पूछताछ में तस्करों ने स्वीकार किया कि वे इन पदार्थों को सीमा पार ले जाने या स्थानीय स्तर पर सप्लाई करने की फिराक में थे।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। भारत-नेपाल खुली सीमा का फायदा उठाकर तस्कर अक्सर सक्रिय होने की कोशिश करते हैं, जिसे देखते हुए एसपी के निर्देश पर सुरक्षा एजेंसियां अब पहले से अधिक सतर्क हैं। सुरक्षा बलों ने न केवल नशीले पदार्थ जब्त किए, बल्कि उनके पास से तस्करी में इस्तेमाल होने वाले कुछ अन्य उपकरण और नकद राशि भी बरामद की है।
इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा मुक्त समाज और सुरक्षित सीमा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की संयुक्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, दोनों तस्करों को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस और SSB की इस मुस्तैदी की सराहना की है।