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मोहाली में कुदरत का कहर: भारी बारिश और तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में ब्लैकआउट

By Uttar World Desk

04 मई, 2026 | 01:00 बजे
मोहाली में कुदरत का कहर: भारी बारिश और तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में ब्लैकआउट

मोहाली: पंजाब के मोहाली और आसपास के इलाकों में रविवार देर रात आए भीषण तूफान और भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। 4 मई, 2026 की सुबह तक मिली रिपोर्टों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे आधे से ज्यादा शहर में बिजली गुल हो गई। कुदरत के इस कहर ने न केवल यातायात को प्रभावित किया है, बल्कि बुनियादी ढांचे को भी काफी नुकसान पहुँचाया है।

तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मोहाली के मुख्य मार्गों और सेक्टरों की अंदरूनी सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए, जिससे रास्ते पूरी तरह से ब्लॉक हो गए। सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर निगम और प्रशासन की टीमें सड़कों से पेड़ हटाने और यातायात बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं। कई जगहों पर खड़े वाहनों पर पेड़ गिरने से संपत्ति का भी भारी नुकसान हुआ है, हालांकि अभी तक किसी जानी नुकसान की खबर नहीं है।

बिजली विभाग के लिए स्थिति सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दर्जनों बिजली के खंभे गिरने और ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण कई सेक्टरों में रात से ही अंधेरा छाया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि तूफान के कारण तारों पर पेड़ गिरने से शॉर्ट सर्किट हुआ और पूरी ग्रिड सप्लाई बाधित हो गई। बिजली बहाल करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है, लेकिन नुकसान को देखते हुए पूरी सप्लाई सुचारू होने में कई घंटों का समय लग सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण अचानक मौसम में यह बदलाव आया है। बारिश से तापमान में गिरावट तो आई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तूफान के साथ आई तबाही ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

मोहाली के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी देखी जा रही है। नालियों की सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और निचले इलाकों में जमा हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार मानसून से पहले के तूफानों में यही स्थिति बनती है, लेकिन नगर निगम के इंतजाम नाकाफी साबित होते हैं। फिलहाल, पूरा शहर इस प्राकृतिक आपदा से उबरने की कोशिश कर रहा है।

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