बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा है। सुपौल में नेशनल हाईवे 106 पर एक यात्री बस भीषण हादसे का शिकार होते-होते बाल-बाल बच गई और दर्जनों लोगों की जिंदगी मौत के मुंह से वापस आ गई। जानकारी के अनुसार एक निजी बस तेज रफ्तार में एनएच 106 से गुजर रही थी तभी अचानक चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया और बस बेकाबू होकर सड़क किनारे गहरी खाई की ओर जा गिरी। लेकिन कुदरत का करिश्मा देखिए कि खाई में गिरने के बजाय वह बस वहां मौजूद बांस की घनी झाड़ियों में जाकर फंस गई और हवा में ही लटक गई। बस के खाई में पूरी तरह समाने से पहले बांस के पेड़ों ने उसे मजबूती से थाम लिया जिससे बस के भीतर चीख-पुकार मचा रहे यात्रियों की जान बच गई। अगर वे बांस की झाड़ियां वहां नहीं होतीं तो बस सीधे कई फीट नीचे गहरे गड्ढे में पलट जाती जिससे जान-माल का भारी नुकसान होना तय था।
हादसे के वक्त बस में काफी संख्या में यात्री सवार थे और जैसे ही बस सड़क से नीचे उतरी यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने जब बस को हवा में लटकते हुए देखा तो वे तुरंत मदद के लिए दौड़े और पुलिस को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों और राहगीरों ने मिलकर बस के भीतर फंसे डरे-सहमे यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है और केवल कुछ लोगों को मामूली खरोंचें आई हैं जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया है। यात्रियों ने बताया कि बस की रफ्तार काफी अधिक थी और एक मोड़ पर चालक बस को संभाल नहीं पाया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को बाहर निकालने का काम शुरू किया और यातायात को सुचारू कराया।
यह हादसा बिहार की सड़कों पर तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग की समस्या को एक बार फिर उजागर करता है। सुपौल के इस इलाके में एनएच 106 पर कई ऐसे मोड़ हैं जहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं लेकिन बांस की झाड़ियों द्वारा इस तरह जान बचाने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह नजारा बेहद डरावना था क्योंकि बस का आधा हिस्सा हवा में झूल रहा था और यात्रियों की जान सिर्फ उन चंद बांस के पेड़ों के भरोसे टिकी थी। जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और बस के फिटनेस और परमिट की भी जांच की जा रही है। फिलहाल सभी यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए दूसरी बसों से रवाना कर दिया गया है। लोग इसे ईश्वर की असीम कृपा मान रहे हैं कि इतने बड़े खतरे के बावजूद कोई हताहत नहीं हुआ। बिहार के सुपौल में हुई यह घटना सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही है जहाँ लोग बांस की झाड़ियों को 'जीवन रक्षक' बता रहे हैं।