बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को लेकर स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। 4 मई, 2026 को बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बिजली उपकेंद्र का घेराव किया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनके बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है और मीटर की रीडिंग को लेकर पारदर्शिता का अभाव है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते उपकेंद्र पर काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि पुराने मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर की गति बहुत तेज है, जिससे सामान्य उपयोग के बावजूद बिल दोगुना या तिगुना आ रहा है। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर यह भी आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और सहमति के मीटर बदले जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जब तक इन मीटरों की सटीकता की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से नहीं कराई जाती, तब तक नए मीटर लगाने की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुँचकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उपभोक्ता लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। विभाग का तर्क है कि स्मार्ट मीटर बिजली चोरी रोकने और सटीक बिलिंग के लिए लगाए जा रहे हैं, लेकिन जनता इस दलील को मानने को तैयार नहीं है। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और बढ़े हुए बिलों में सुधार नहीं हुआ, तो वे पूरे जिले में बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई। बहराइच के कई इलाकों से आए लोगों ने अपनी शिकायतों का पुलिंदा अधिकारियों को सौंपा। ग्रामीणों का विशेष रूप से कहना है कि उन्हें प्रीपेड सिस्टम समझने में दिक्कत आ रही है और रिचार्ज खत्म होते ही अचानक बिजली कट जाने से उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन और बिजली विभाग के बीच इस गतिरोध के कारण उपकेंद्र का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण करने का भरोसा दिया है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे अब विभाग के केवल मौखिक आश्वासनों पर भरोसा नहीं करेंगे और जब तक धरातल पर सुधार नहीं दिखता, उनका विरोध जारी रहेगा।