बाराबंकी : जिले की रामनगर तहसील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अपनी भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर की समस्या लेकर पहुंचे एक व्यक्ति को एसडीएम की नाराजगी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि एसडीएम रामनगर आनंद तिवारी ने फरियादी की समस्या सुनने और समाधान करने के बजाय उल्टा पुलिस बुलाकर उसे थाने भिजवा दिया। प्रशासनिक अधिकारी के इस कड़े रुख की अब सोशल मीडिया और जिले भर में जमकर चर्चा हो रही है।
पूरा मामला मंगलवार का है, जब तहसील क्षेत्र का रहने वाला एक व्यक्ति अपनी भतीजी की शादी की तैयारियों में जुटा था। घर में शादी का माहौल था और गैस सिलेंडर न होने के कारण खाना बनाने में समस्या आ रही थी। मदद की उम्मीद लेकर फरियादी एसडीएम कार्यालय पहुंचा। उसने एसडीएम को बताया कि उसे सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ रही है और शादी जैसा महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए प्रशासन कुछ मदद करे।
वहां मौजूद लोगों और पीड़ित के अनुसार, जैसे ही उसने अपनी शिकायत दर्ज कराई, एसडीएम आनंद तिवारी भड़क गए। फरियादी पर चिल्लाते हुए उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया और उसे हिरासत में लेकर थाने ले जाने के निर्देश दे दिए। सरेआम हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर में मौजूद अन्य लोग भी दंग रह गए। पीड़ित का आरोप है कि उसने केवल मदद मांगी थी, लेकिन उसे अपराधी की तरह व्यवहार झेलना पड़ा।
मामले के तूल पकड़ने के बाद एसडीएम आनंद तिवारी ने अपनी सफाई में कहा कि उस समय स्थिति कुछ तनावपूर्ण थी और फरियादी का व्यवहार कार्यालय के प्रोटोकॉल के खिलाफ था, जिसके चलते शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसे पुलिस के सुपुर्द किया गया। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक गरीब फरियादी का अपनी निजी जरूरत के लिए गुहार लगाना इतना बड़ा अपराध है कि उसे सीधे थाने भेज दिया जाए।
बाराबंकी में प्रशासन के इस व्यवहार को लेकर आम जनता में काफी नाराजगी देखी जा रही है। शादी वाले घर में जहाँ खुशियों का माहौल होना चाहिए था, वहां पुलिस और थाने के चक्कर काटने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कोई जांच बैठाता है या फिर 'साहब' का यह व्यवहार फाइलों में दबकर रह जाएगा।