लखनऊ/वाराणसी | उत्तरवर्ल्ड न्यूज डेस्क उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह से अनिश्चित बना हुआ है। प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और बेमौसम बरसात के दोहरे दोराहे पर खड़ा है। एक तरफ जहाँ जालौन और बुंदेलखंड के इलाके भीषण लू (Heatwave) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से प्रदेश के 64 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। वाराणसी से लेकर पश्चिमी यूपी तक बादलों की आवाजाही ने तापमान में उलटफेर कर दिया है।
जालौन बना 'हीट चैंबर', वाराणसी में बादलों का डेरा
बीते 24 घंटों के दौरान जालौन प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहाँ पारा 44.2°C तक जा पहुँचा। बुंदेलखंड के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है। हालांकि, वाराणसी और आसपास के इलाकों में शनिवार शाम से ही ठंडी हवाएं चलने और बादल छाने से लोगों को तपिश से थोड़ी राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान में धूल की एक परत जमी हुई है, जिसके कारण उमस (Humidity) भी बढ़ गई है।
अगले 48 घंटे: 64 जिलों के लिए चेतावनी
लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के 64 जिलों पर पड़ने वाला है।
मौसम विभाग की मुख्य चेतावनियाँ:
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तेज आंधी: 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।
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मूसलाधार बारिश: पश्चिमी यूपी और तराई के इलाकों (बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर) में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
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बिजली का खतरा: 50 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक के साथ 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम में पेड़ों के नीचे शरण न लें।
किसानों की बढ़ी चिंता: कटाई और मड़ाई पर संकट
इस बेमौसम बदलाव ने यूपी के किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। वर्तमान में गेहूं की कटाई का सीजन अपने अंतिम चरण में है और मंडियों में भारी मात्रा में अनाज खुले में पड़ा है। यदि तेज बारिश होती है, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को मंडियों में तिरपाल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख शहरों का हाल:
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लखनऊ: यहाँ शनिवार रात से ही तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार और सोमवार को शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
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प्रयागराज: तापमान अभी भी 41 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन धूल भरी आंधी के आसार हैं।
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मेरठ और गाजियाबाद: यहाँ पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे पहले दिखेगा, बारिश के बाद तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों की राय
मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन से यह स्थिति पैदा हुई है। मई के पहले सप्ताह में इस तरह का बदलाव सामान्य नहीं है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के चलते अब 'वेदर पैटर्न' बदल रहा है। अगले 3-4 दिनों तक प्रदेशवासियों को इसी तरह के उतार-चढ़ाव वाले मौसम का सामना करना पड़ेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तरवर्ल्ड न्यूज
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